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जब भागवत कथा के लिए बच्चों को दे दी गई हफ्तेभर के लिए छुट्टी, स्कूल को बना दिया गया रसोई घर और विश्राम कक्ष 

द न्यूज 15 
नई दिल्ली। क्या देश में धर्मवाद इतना हावी हो गया है कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी है। जहां दो साल से बच्चे कोरोना महामारी के चलते स्कूल नहीं जा पाये वहीं मध्य प्रदेश के एक स्कूल में भागवत कथा के लिए बच्चों को एक हफ्ते के लिए छुट्टी दे दी गई। स्कूल के कमरों को रसोईघर और श्यनकक्ष में बदल दिया गया। भाजपा वैसे तो शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे करती है पर जो मध्य प्रदेश के एक स्कूल में देखने को मिला उसे देखकर तो नहीं कहा जा सकता है कि भाजपा शिक्षा को लेकर गंभीर है।दरअसल मध्यप्रदेश से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। शिवपुरी जिले में भागवत कथा के लिए प्राथमिक विद्यालय को रसोई घर व आंगनबाड़ी केंद्र को एक अस्थाई वातानुकूलित विश्राम कक्ष में बदल दिया गया और छात्रों को एक हफ्ते के लिए छुट्टी दे दी गई। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ ने इस तरह के किसी मामले का खंडन किया है।दरअसल एनडीटीवी ने एक रिपोर्ट की जिसमें राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ के सहयोग से एक मंदिर के रेनोवेशन के लिए भागवत कथा कार्यक्रम आयोजित किया गया था और गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई।इस रिपोर्ट में छात्र आरोप लगा रहे हैं कि इस धार्मिक आयोजन के लिए उनकी कक्षाएं एक हफ्ते तक रोक दी गई हैं। स्कूल परिसर का उपयोग भक्तों के लिए भोजन और प्रसाद बनाने के लिए किया जा रहा था। कुछ कक्षाओं का उपयोग खाना पकाने के लिए और मिनरल वाटर की बोतलों को रखने के लिए किया जाता था। जबकि अन्य कक्षाओं का उपयोग भोजन तैयार करने में लगी महिलाओं के विश्राम स्थल के रूप में किया जा रहा था।

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