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बिजली जाती है तब बच्चे-बूढ़े सभी परेशान हो जाते हैं, आती है तब राहत भरी सांस लेते हैं

बिजली की आंख मिचौनी से परेशान हैं शहरवासी

 बिल जोड़ -जोड़ कर ली जाती है, लेकिन बिजली काट-काट कर दी जाती है

 यह हाल राजगीर की है

 

राम विलास

राजगीर। बिजली रानी की आंखमिचौनी से शहरवासी परेशान हैं। वह आती कम और जाती अधिक है। कभी तो पलपल आती और चली जाती है। कभी – कभी तो जाती है, तब घंटों तक नहीं आती है। जब वह घंटों बाद भी नहीं आती है। तब बच्चे-बूढ़े सभी परेशान हो जाते हैं। उसके इंतजार में सभी बैठे रहते हैं। इसका कारण है कि बिजली रानी से सभी को गहरा लगाव हो गया है। छत के नीचे पहुंचते ही लोग बिजली रानी को खोजने लगते हैं। वह घरों और प्रतिष्ठानों में नहीं मिलती है, तब सभी परेशान हो उठते हैं।

बच्चे- बुढ़े, बीमार लोग उसे ज्यादा खोजते हैं। ऐसी बात नहीं है कि युवा और मध्यम वर्गीय आयु के नर-नारियों द्वारा बिजली रानी की खोज खबर नहीं ली जाती है। शहर के हर उम्र के लोग बिजली रानी के दिवाने हैं। उनके जाते ही घर- दुकान में अंधेरा छा जाती है। इतना ही नहीं सड़कें और गलियां भी अंधेरे में डूब जातीं हैं। नलकूप नहीं चलने से घर में पानी की किल्लत हो जाती है। वैसे पर्यटक शहर राजगीर को तीन जोन में बांटकर बिजली आपूर्ति की मुकम्मल व्यवस्था की गयी है।

एक जोन में वीआईपी एरिया कुंड क्षेत्र वन और टू है। उससे सर्किट हाउस, कुंड क्षेत्र, आरआईसीसी, सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर, वीरायतन, रोपवे, नेचर और जू सफारी, वेणुवन, फारेस्ट गेस्टहाउस आदि को बिजली की आपूर्ति की जाती है। उसी फीडर से बिजली विश्राम गृह और बिजली काॅलोनी को जोड़ा गया है। दूसरा जोन में बस स्टैंड, पटेल चौक, बंगाली पाड़ा, मेन बाजार आदि है। इस जोन को राजगीर पावर सबस्टेशन के टाउन फीडर से बिजली आपूर्ति की जाती है। तीसरे जोन में सिलाव फीडर से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गयी है। वीआईपी छोड़ अन्य फीडर से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अच्छी नहीं बतायी जाती है। सिलाव फीडर से अनुमंडल, प्रखण्ड- सह- अंचल कार्यालय, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, ब्लॉक रोड का जल मीनार आदि हैं। इस फीडर की बिजली आने जाने में सबसे आगे है।

इस भीषण और उमस भरी गर्मी में बिजली के जाने से कितनी परेशानी आम आवाम को होती है। इसे हर कोई भलीभांति जानते हैं। सुबह से शाम तक दर्जनों बार बिजली जाती – आती है। शाम में बिजली के जाने से बच्चों की पढ़ाई, गृहणियों के किचन का काम और दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होता है। लोग कहते हैं कि पहले बिजली खुली और नंगी तार के सहारे आती थी। तब उसे धूप, गर्मी, वर्षा आदि का सामना करना पड़ता था। उन परेशानियों से बचने के लिए विद्युत विभाग ने खुली और नंगी तार की जगह कवर वायर लगा दिया है। अब उसे पहले की तरह धूप, गर्मी, वर्षा, हवा आदि का सामना करना नहीं पड़ता है। फिर भी वह अपनी पुरानी आदत अनुसार जब मन करता है, तब आती है और जब मन करता है, तब चली जाती है।

इधर नागरिकों को बिजली रानी से इतना मुहब्बत हो गया है कि उनके बिना रहना, खाना, पीना, सोना, पढ़ना लिखना सब मुश्किल जैसा हो गया है। बिजली की आंख मिचौनी और बेवफाई से शहर का बच्चा बच्चा – परेशान हो जाता है। वरीय वार्ड पार्षद डाॅ अनिल कुमार, महेन्द्र यादव, पेट्रोलियम एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार, उपेन्द्र कुमार विभूति कहते हैं कि कवर वायर और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के बाद भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था बदहाल होना काफी दुखद है।

पावर स्टेशन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति के बाद भी नागरिकों को बाधित बिजली आपूर्ति होने से सरकार की किरकिरी हो रही है। उन्होंने शहर में अबाधित बिजली आपूर्ति व्यवस्था की मांग जिला प्रशासन और बिजली विभाग से की है। जब बिजली बिल जोड़ -जोड़ कर लिया जा रहा है, तो बिजली काट – काट कर क्यों दी जायेगी। हालांकि विद्युत कार्यपालक अभियंता सन्नी कुमार ने दावा किया है कि पर्यटक शहर राजगीर में अबाधित बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कभी कभार तकनीकी गड़बड़ी होने पर उसमें सुधार बाद बिजली की आपूर्ति अविलंब की जाती है।

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