अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के कुछ मिनट बाद मेघानी नगर में क्रैश हो गई। विमान में 242 लोग सवार थे, जिसमें 241 की मौत हो गई और केवल एक यात्री बच पाया। हादसे में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराने के कारण 24 अन्य लोगों की भी जान गई।
हादसे की संभावित वजहें
टेकऑफ कॉन्फिगरेशन एरर: प्रारंभिक जांच में पता चला कि विमान 825 फीट की ऊंचाई और 174 नॉट्स की कम गति पर था, जबकि इसे 200-250 नॉट्स की गति चाहिए थी। लैंडिंग गियर नीचे होने और संभवतः गलत फ्लैप सेटिंग्स या अपर्याप्त इंजन थ्रस्ट के कारण यह हादसा हुआ। विशेषज्ञों ने इसकी संभावना 70-80% बताई है। 43°C की गर्मी ने लिफ्ट को और कम किया, जिससे स्थिति बिगड़ी।
इंजन फेल्योर या तकनीकी खराबी: कुछ रिपोर्ट्स में इंजन में खराबी की बात कही गई, जिसकी संभावना 10-15% है। ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) की जांच से अंतिम क्षणों की जानकारी मिलेगी।
पायलट की गलती: टेकऑफ के दौरान पायलट का मैन्युअल कंट्रोल महत्वपूर्ण होता है। जल्दबाजी या गलत निर्णय, जैसे समय से पहले रोटेशन, हादसे का कारण हो सकता है।
बाहरी कारक: 43°C की गर्मी ने विमान की लिफ्ट क्षमता को प्रभावित किया। हालांकि, आतंकवादी साजिश के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
जांच और सरकारी कदम:
ब्लैक बॉक्स बरामद: हॉस्टल की छत से ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिया गया है, जिसका विश्लेषण शुरू हो चुका है। डेटा एनालिसिस में 10-15 दिन लग सकते हैं।
उच्च स्तरीय समिति: सरकार ने गृह सचिव की अध्यक्षता में एक बहु-विषयक समिति गठित की है, जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसमें हादसे के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय सहायता: ब्रिटेन की AAIB और अमेरिका की NTSB ने जांच में सहयोग की पेशकश की है, क्योंकि विमान में 53 ब्रिटिश और अन्य विदेशी नागरिक सवार थे।
DGCA का आदेश: DGCA ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की सुरक्षा जांच बढ़ाने का निर्देश दिया है।
NIA की जांच: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी घटनास्थल का दौरा किया, हालांकि यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
अन्य विवरण:
हादसे का समय: दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ, 1:40 बजे क्रैश। पायलट ने 1:39 बजे ATC को पूर्ण आपातकाल की सूचना दी थी।
मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं, जो 72 घंटे तक चल सकता है।
टाटा ग्रुप ने पीड़ितों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
बोइंग की साख पर सवाल: यह 787 ड्रीमलाइनर का पहला बड़ा हादसा है, जिसके बाद बोइंग के शेयर 5% गिर गए। कंपनी पहले से ही इंडोनेशिया और इथियोपिया के हादसों के कारण विवादों में है।

