सडन गेमर डेथ’ (Sudden Gamer Death) एक चिकित्सकीय अवस्था को संदर्भित करता है, जिसमें वीडियो गेम्स खेलने के दौरान या उसके तुरंत बाद व्यक्ति की अचानक मौत हो जाती है। यह आमतौर पर हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़ा होता है, जैसे कि घातक हृदय अतालता (fatal ventricular arrhythmia), हृदयाघात (heart attack), या गहरी शिरा थ्रोम्बोसिस (deep vein thrombosis) से उत्पन्न फेफड़ों में रक्त का थक्का (pulmonary embolism)। अध्ययनों से पता चलता है कि 24 ऐसे मामलों में अधिकांश मौतें लंबे समय तक गेमिंग सत्रों के कारण हुईं, जहां निष्क्रिय जीवनशैली और तनाव ने हृदय पर बोझ डाला।
लखनऊ के इस मामले में, 13 वर्षीय विवेक नामक लड़का, जो शिवाजीनगर इलाके में अपनी मां और बहनों के साथ रहता था, बुधवार को सुबह से कई घंटों तक मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने के बाद अचानक गिर पड़ा। वह शाम करीब 6 बजे फोन हाथ में लिए हुए बेहोश हो गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिवार ने जहर खाने का शक जताया, लेकिन पुलिस के अनुसार लड़का पहले से लंबे समय से बीमार था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक गेमिंग से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं इसका कारण हो सकती हैं।
यह इतना खतरनाक क्यों है? लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त संचार बाधित होता है, जो थक्के बनने का खतरा बढ़ाता है। इसके अलावा, गेमिंग के दौरान तनाव, नींद की कमी, निर्जलीकरण (dehydration) और अनियमित खान-पान हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, खासकर युवाओं में जहां हृदय पहले से कमजोर हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गेमिंग को 1-2 घंटे से ज्यादा न करें, बीच-बीच में ब्रेक लें, और स्वस्थ आदतें अपनाएं।

