युद्ध नहीं, शांति चाहिए” विषय पर एक हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम
कार्यक्रम का उद्देश्य था कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, विशेष रूप से इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की भयावहता को देखते हुए, आमजन को शांति की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया जाए। इस युद्ध में अब तक 1700 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और तेहरान में हुए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु हो चुकी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान ने हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इजरायल और बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइलें दागी हैं। जिसके भयावह परिणाम सामने आ रहे हैं| अगर यह युद्ध और लम्बा चला तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के साथ दैनिक उपभोग की वस्तुओं का संकट पुरे विश्व में हो सकता हैं| इसलिए हम सभी शांतिप्रिय नागरिक आज इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से विश्व शांति एवं एकता हेतु युद्ध विराम की अपील करते हैं|
इस संदर्भ में, उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा,
“जब दुनिया युद्ध की आग में जल रही है, तब भारत जैसे देश को शांति और संवाद का मार्ग दिखाना चाहिए। हमारा यह अभियान इसी दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।” हम सब विश्व में शांति की प्रार्थना करते हैं|
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे राज कुमार अग्निहोत्री ने लोगों से विश्व शांति के लिए संकल्प लेने की अपील की|
कार्यक्रम संयोजक केएम भाई ने कहा गांधी का प्रेम एवं अहिंसा का रास्ता ही हमें प्रगति के रास्ते पर ले जा सकता हैं| इजरायल और ईरान को भी जरूरत है कि वे गांधी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए शांति एवं प्रेम के मार्ग को अपनाए। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित एक शांति ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।
कार्यक्रम में मुक्य रूप से अशोक दीक्षित,पवन मिश्रा,राजेश बाजपेई,पदम् कान्त,अनिल कुमार शुक्ल, प्रताप साहनी ज्ञान प्रकाश, अतुल, दिनेश अग्निहोत्री, महेश त्रिपाठी, राजेश वर्मा, अलोक मिश्रा,क्रांति कटियार, देव कबीर,रानी, सुनीता, रोली, कमलेश कुमार,डा पी एन सिंह,अंकित, सर्वेश,आशीष,रजेश आज़ाद, आदिल आदि उपस्थित रहे।








