मुजफ्फरपुर | मडवन प्रखंड के कई गांवों में शुक्रवार को आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं ने सरकार की नल-जल योजना की जमीनी हकीकत उजागर कर दी। राज्य के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ई. अजीत कुमार ने जन संवाद के माध्यम से ग्रामीणों की पीड़ा सुनी और मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात कर कई मामलों का समाधान भी कराया।
मखदुमपुर कोदरिया, खलीलपुर नोनिया टोला, खलीलपुर मठ टोला और बोड़बारा गांव में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि नल-जल योजना जर्जर हालत में है, कई स्थानों पर महीनों से पानी नहीं आ रहा। विद्युत विभाग द्वारा एग्रीकल्चर कनेक्शन में हो रही लापरवाही, सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचना और बीएलओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने में की जा रही टालमटोल को भी गंभीरता से उठाया गया।
पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर निर्देश दिया कि कोदरिया, खलीलपुर और बोड़बारा जैसे गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को खरीफ बुआई से पहले हर हाल में एग्रीकल्चर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा, “सरकार की मंशा हर गरीब परिवार तक स्वच्छ जल पहुंचाने की है, लेकिन अधिकारियों की शिथिलता इस योजना को विफल बना रही है।” उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।
पूर्व मंत्री ने कांटी क्षेत्र के विकास में स्थानीय विधायक की निष्क्रियता को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
जन संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता मो. शमीम ने की। इस अवसर पर जयकिशन चौहान, जगलाल चौहान, सुन्देश्वर चौहान, शंभु महतो, लच्छू महतो, हरिनंदन राम, विनोद शर्मा, विकास कुमार, परशुराम राम, उमेश सिंह, शंकर पासवान, भोला शुक्ला, पप्पू मिश्रा, शशिभूषण साह, अमरनाथ ठाकुर एवं राजकुमार पासवान सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया।

