मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन किया रद्द
भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए किसान विरोधी कानून को रद्द करने तक संघर्ष जारी रहेगा
नई दिल्ली। किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने देवनहल्ली कर्नाटक के किसानों की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की सीमाओं पर 380 दिन तक आंदोलन चलाकर देश और दुनिया के सामने संघर्ष का सफल मॉडल पेश किया था । अब देवनहल्ली,कर्नाटक के किसानों ने 1200 दिनों तक आंदोलन चलाकर संयुक्त किसान होराटा ने किसानों के संघर्ष का एक नया मॉडल पेश किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने तीन किसान विरोधी कानून रद्द कराए थे। संयुक्त होराटा ने भूमि अधिग्रहण का 13 गांव का नोटिफिकेशन राज्य सरकार से रद्द कराया है ।
डॉ. सुनीलम ने कहा कि जनवरी 2022 में तत्कालीन भाजपा सरकार (बासवराज बोम्मई के नेतृत्व में) ने बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप स्थित उपजाऊ ज़मीन पर 1777 एकड़ का ज़बरन अधिग्रहण कर रियल एस्टेट कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने के लिए अधिसूचना जारी की थी। लेकिन किसान जमीन देने को तैयार नहीं थे। जमीन बचाने के लिए किसानों ने लंबी लड़ाई लड़ी। अंततः 1200 दिनों के धरना-प्रदर्शन के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नोटिफिकेशन वापस लेने का ऐलान किया है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि यह केवल और केवल किसानों की एकता के चलते संभव हुआ है ।
डॉ सुनीलम ने 13 गांव के किसानों, संयुक्त होराटा और संयुक्त किसान मोर्चा के साथियों को हार्दिक बधाई दी।

