टी20 क्रिकेट में धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को रविवार से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले दिलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पूर्वी क्षेत्र (ईस्ट जोन) की तरफ से उत्तर पूर्वी क्षेत्र (नॉर्थ-ईस्ट जोन) के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका मिलेगा। इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं, जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।
इस तरह से देखा जाए तो सूर्यवंशी लाल गेंद के क्रिकेट में अभी भी एक अनुभवहीन खिलाड़ी हैं, लेकिन दिलीप ट्रॉफी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली उत्तर पूर्व की टीम के खिलाफ उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुछ रन बनाने और आत्मविश्वास हासिल करने का मौका मिलेगा। पूर्वी क्षेत्र की टीम में कप्तान ईशान किशन, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, कुमार कुशाग्र, शाहबाज अहमद और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन हमेशा की तरह सूर्यवंशी ही सबका ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे. क्षेत्रीय चयन समिति ने उन्हें उप-कप्तान नियुक्त किया है।
कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दिलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है, क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं। रणजी ट्रॉफी की तरह ही दिलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं. श्रीलंका में ‘ए’ सीरीज में खेलने वाले आयुष पांडे और अमन मोखाडे मध्य क्षेत्र की तरफ से सीधे सेमीफाइनल में खेलेंगे. वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश करेंगे।

