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अमेरिका की ईरान के न्यूक्लियर सेंटर पर एयर स्ट्राइक!

31 मार्च को इस्फ़हान (Isfahan) शहर में अमेरिका ने ईरान के एक प्रमुख सैन्य/न्यूक्लियर से जुड़े अम्यूनिशन डिपो (हथियार भंडार) पर बड़ा एयर स्ट्राइक किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2000 पाउंड (लगभग 900-1000 किलो) के बंकर बस्टर (bunker-buster) पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे वहां विशाल विस्फोट और आग लग गई।
क्या हुआ?

टारगेट: इस्फ़हान में एक बड़ा अंडरग्राउंड अम्यूनिशन डिपो, जो ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा था। यह जगह न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर और मिसाइल/हथियार उत्पादन से भी जुड़ी हुई है। इस्फ़हान ईरान का महत्वपूर्ण न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर भी है।
बम: 2000-पाउंड क्लास के बंकर बस्टर मुनिशन (penetrator bombs), जो कंक्रीट और अंडरग्राउंड टारगेट्स को भेदने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। कई ऐसे बम गिराए गए, जिससे सेकेंडरी ब्लास्ट (चेन रिएक्शन) हुए। विस्फोट: रात के अंधेरे में आसमान में भयंकर आग और धमाकों की तस्वीरें/वीडियो सामने आए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर बिना कैप्शन के ये विस्फोट वाले वीडियो शेयर किए।

यह हमला Operation Epic Fury का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान के तहत चल रहा है। इससे पहले जून 2025 में भी अमेरिका ने Fordow, Natanz और Isfahan के न्यूक्लियर साइट्स पर GBU-57 Massive Ordnance Penetrator (30,000 पाउंड वाले भारी बंकर बस्टर) का इस्तेमाल किया था।

 

बैकग्राउंड

 

ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल हमलों और प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हूती, हिजबुल्लाह) के कारण तनाव बढ़ा।
अमेरिका-इजरायल का दावा: ईरान को न्यूक्लियर वेपन बनाने से रोकना और उसके मिलिट्री कैपेबिलिटी को कमजोर करना।
ईरान की तरफ से जवाबी हमले भी हो रहे हैं (जैसे ड्रोन गिराने के दावे)।

 

वर्तमान स्थिति

 

पूरे क्षेत्र में युद्ध जारी है (2026 Iran War)।
कैजुअल्टी और सटीक डैमेज की डिटेल्स अभी आ रही हैं। इस्फ़हान शहर (लगभग 23 लाख आबादी) में सैन्य ठिकानों के अलावा सिविलियन एरिया भी प्रभावित हो सकता है।
ट्रंप ने आगे धमकी दी है कि अगर ईरान डील नहीं करता तो पावर प्लांट, ऑयल फैसिलिटी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर और हमले हो सकते हैं।

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