लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन भी समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की जिसके चलते सीएम योगी अपना भाषण भी पूरा नहीं कर पाए, जिसके बाद सीएम योगी विरोधी दलों को घेरा और सपा विधायकों के व्यवहार पर सवाल उठाए।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्य पर भरोसा नहीं है, सपा और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है। ये लोग सदन का बहुमूल्य समय नष्ट करना चाहते हैं। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं. लेकिन, इनका किसी पर भरोसा नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये यूपी के 25 करोड़ जनता के हित के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
सीएम योगी ने विपक्ष को जमकर घेरा
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि सपा का व्यवहार अलोकतांत्रिक है। पूरा प्रदेश देख रहा है कि इन्हें लोकतंत्र की खिल्ली नहीं उड़ान चाहिए। विरोधी दल अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन के बहुमूल्य समय को नष्ट करना चाहते हैं। सदन शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष की ओर से आश्वस्त किया गया कि नियम के तहत जो प्रस्ताव आएंगे, हम उन पर चर्चा कराएंगे और सरकार जवाब देगी।
सपा विधायक सचिव यादव पूरे सत्र के लिए निष्कासित
इस बीच जसराना से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर स्पीकर सतीश महाना उन्हें वार्निंग दी और ऐसा नहीं करने को कहा लेकिन, जब वो नहीं माने तो स्पीकर ने कहा कि अगर वो बाहर नही गए तो उनकी सदस्यता पर भी कार्रवाई की जा सकती है. इसके बाद उन्होंने मार्शल बुलाकर उन्हें सदन से बाहर निकलवा दिया और कहा पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।
इस बीच सपा विधायकों ने सचिन यादव को घेर लिया ताकि उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सके, जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि जो उनका साथ देंगे उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सदन में धक्का मुक्की होने लगी और बड़ी संख्या में सपा विधायक वेल में आ गए. सदन में जबरदस्त हंगामे के बाद कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा. सीएम योगी अपना भाषण भी पूरा नहीं कर पाए।

