चोरी का तरीका जान पटना पुलिस हैरान
पटना। पटना पुलिस ने ऑनलाइन गेम की लत के शिकार तीन छात्रों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कर्ज में डूबने के बाद चोरी करने लगे थे। ये छात्र हॉस्टल में रहने वाले दूसरे छात्रों के कमरों से मोबाइल, लैपटॉप जैसे कीमती सामान चुराते थे और उन्हें सस्ते दामों पर बेच देते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र चुराए गए सामानों को स्थानीय दुकानदारों को बेचते थे, जो फर्जी बिल बनाकर उन्हें ऑनलाइन बेच देते थे।
पुलिस ने बताया कि शेखपुरा के रहने वाले तीनों छात्रों को ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी, जिसके कारण वे कर्ज में डूब गए। जैसे ही छात्रों पर कर्जदारों का दबाव बढ़ा, छात्रों ने कर्ज चुकाने के लिए चोरी करनी शुरू कर दी। कर्ज चुकाने के लिए, छात्रों ने हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस ने बताया कि ‘तीनों हॉस्टल लेने का झांसा देकर मोहल्ले-मोहल्ले घूमने लगे और जो छात्र अपने कमरे में नहीं होते थे, उनके रूम में घुसकर छात्रों का मोबाइल लैपटॉप समेत दूसरे सामान उड़ा ले जाते थे। चोरी किए गए सामानों को वे कम दामों पर बेच देते थे।’
इस मामले में बुद्धा कॉलोनी थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र चुराए गए सामानों को स्थानीय दुकानदारों को बेचते थे। फिर चोरी किए गए इन सामानों का फर्जी बिल बनाकर दुकानदार ऑनलाइन बेच डालते थे। पुलिस अब इन दुकानदारों की तलाश कर रही है। पुलिस ने तीनों छात्रों के माता-पिता को सूचित कर दिया है और आगे की जांच जारी है।
डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी ने लोगों से अपील है कि वे ऑनलाइन सेकंड हैंड सामान खरीदते समय सावधानी बरतें। सेकंड हैंड सामान खरीदने से पहले इस बात को अच्छी तरह से जांच लें कि खरीदा गया सामान किसका है, कहां से आया है।

