उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मुहम्मद’ के बैनरों को लेकर छिड़े विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। जम्मू-कश्मीर के बीजेपी नेता जहांगीर सिरवाल, जो खुद को गर्वित मुस्लिम और समर्पित पार्टी कार्यकर्ता बताते हैं, ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयानों और यूपी पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी मुसलमानों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम नहीं उठाती, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
विवाद का संदर्भ
कानपुर घटना (4 सितंबर 2025): ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाए गए थे। इस पर यूपी पुलिस ने 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
बरेली घटना (26 सितंबर 2025): जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के बाहर बड़ी भीड़ ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर लेकर इकट्ठी हुई, जिसके बाद झड़पें हुईं। पुलिस ने 68 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें स्थानीय मौलवी भी शामिल हैं।
सीएम योगी के बयान
योगी आदित्यनाथ ने इन घटनाओं पर कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि कान-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिरवाल ने इन्हीं टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया और पुलिस के रवैये को मुस्लिम समुदाय के प्रति ‘प्रतिशोधपूर्ण’ बताया। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम आस्था के प्रकटीकरण को निशाना बना रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के विजन के विपरीत है।
सिरवाल की प्रतिक्रिया
सिरवाल ने जोर देकर कहा कि सीएम का किसी समुदाय को ‘धमकाना या डराना’ का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसमें सभी दोषियों को सजा मिले, न कि सिर्फ एक समुदाय को टारगेट किया जाए।
एक मुस्लिम बीजेपी नेता के तौर पर, वे अपनी समुदाय के अधिकारों के दमन पर चुप नहीं रह सकते। अगर पार्टी ने भरोसा बहाली के कदम नहीं उठाए, तो इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता बचेगा। यह मामला बीजेपी के अंदर मुस्लिम नेताओं के बीच बढ़ते असंतोष को उजागर कर रहा है। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

