राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने रविवार को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। चौधरी चरण सिंह की विरासत का जिक्र करते हुए जयंत ने कहा कि जो पार्टी उनकी फोटो लगा कर वोट मांगती है वो उन्हें सिर्फ चुनाव के समय पर याद करती है। जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के आशीर्वाद से कई लोगों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई, झंडे का रंग बदला, लेकिन चुनाव आते ही उन्हें चौधरी चरण सिंह याद आती हैं और चुनाव के बाद भूल जाते हैं. उन्होंने कहा, चौधरी चरण सिंह के कामों को कोई भुला नहीं सकता है।
‘ये कोई PDA नहीं, ये पीड़ा और बौखलाहट है’
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज कुछ लोग उन्हें सिखाने की बात करते हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि यह चौधरी चरण सिंह का समाज है. उन्होंने कहा, इस चुनाव में आपको चौधरी चरण सिंह का समाज जवाब देगा. ये कोई PDA नहीं है, ये पीड़ा है, ये बौखलाहट है. उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह जातीय ध्रुवीकरण के पक्ष में नहीं थे. उनका प्रयास था कि कमजोर वर्गों को अवसर मिले और धीरे-धीरे राजनीतिक व्यवस्था के जरिए सामाजिक व्यवस्था में बदलाव आए.
‘हर घटना में जाति का चश्मा लगाने की कोशिश’
जयंत चौधरी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में हर घटना को जाति के चश्मे से देखने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर संगठन और भाईचारे को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि RLD कार्यकर्ताओं की पहचान यह है कि उनके पास विवाद लेकर आने वाला व्यक्ति यह नहीं कहता कि कौन किस पार्टी का है, बल्कि वह समाधान की बात करता है. कार्यकर्ताओं को लोगों को साथ बैठाकर विवाद सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए।
युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर
जयंत चौधरी ने पार्टी की नई टीम का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें बड़ी संख्या में युवा हैं. उन्होंने कहा, “Gen-Z ने बवाल बना रखा है, Gen-Alpha बोल रहे हैं कि हमारा नंबर कब आएगा, मैं तो Gen-X हूं.” उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संघर्ष के बारे में बताना जरूरी है. युवाओं को यह समझना होगा कि वे कहां से आए हैं, उनकी लड़ाई क्या है और उनकी पहचान क्या है।
डिफेंस कॉरिडोर में रोजगार के अवसरों पर फोकस
जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और रोजगार के अवसरों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरत के साथ जोड़ना जरूरी है. ITI, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों से निकलने वाले युवाओं को बेहतर अवसर देने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
शिक्षा को लेकर भी बोले जयंत
जयंत चौधरी ने कहा कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर अगली पीढ़ी के भविष्य की चिंता करनी होगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं और बच्चों का अपने शिक्षकों पर काफी भरोसा होता है. ऐसे में सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त सभी स्कूलों की स्थिति सुधारने में समाज की भागीदारी जरूरी है।
‘जिन्होंने स्कूल बंद कराया अब वह खुलवाने की बात कर रहे हैं’
जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि जो आज स्कूल खुलवाने की बात कर रहे हैं उन्होंने अपने जमाने में स्कूलों में खुलेआम नकल करवाई. राज्य सरकार में प्राथमिक विद्यालयों का बजट बेहद कम था. 2016 में बिना बजट मिले स्कूल बंद हो रहे थे. जिन्हें हमारी सरकार ने दोबारा खोलने का काम किया है।

