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न पक्ष न विपक्ष खबरें होगी निष्पक्ष अच्छे विचार वाले पुरुष की तारीफ करना कोई गुनाह नहीं है

नई दिल्ली (पटेल नगर) वैसे तो दिल्ली में बहुत ही राजनेता है उनकी बातें भी बहुत बड़ी बड़ी है जिसको जनता भली भांति देख और समझ भी रही है। दिल्ली के पटेल नगर विधानसभा में दो व्यक्तियों की चर्चा खूब होती है जिसमें एक है पटेल नगर के विधायक प्रवेश रत्न और दूसरे है अपनी समर्पण और जनता के लिए निस्वार्थ भाव से लगातार काम करने का जुनून लिए समाज सेवक एस के चौबे विधायक प्रवेश रत्न जहां बिना किसी का जाति धर्म पूछे हमेशा जनता के लिए काम करते देखे जा रहे है और तमाम विभागों के अधिकारियों से सख्ती से पेश आकर जनता के कार्यों को करवाने में लगे हुए है, वही एस के चौबे भी कई वर्षों से बिना किसी जाति धर्म, अमीर गरीब की भेदभाव नहीं करते हमेशा जनता के बीच अपनी सेवा देते देखे जाते ही है। एस के चौबे एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सत्ताधारी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की भी मदद करते देखे जाते है। ये दोनों व्यक्ति पढ़े लिखे होने के साथ चौबे की आधिकारिक पकड़ और बात करने की काबिलियत समाज में अच्छी छाप छोड़ती ही जा रही है। आज क्षेत्र की जनता जब किसी समस्या में पड़ जाती है और कोई जब दिखाई नहीं देता है तब वह एस के चौबे को याद करते है और उसका हर संभव मदद भी होता है जिसको जनता अनुभव भी कर रही है। जनता की भावनाओं को गंभीरता से समझे हुए इन दोनों व्यक्तियों की एक साथ तस्वीर इसलिए साझा कर रहा हूं की क्योंकि इनके विचार से प्रभावित है हमारी टीम। जब भी आप इन दानों लोगों से सवाल करोगे तो एक ही जवाब मिलेगा कि हमें जाति पाती से क्या लेना देना हमें जाति पाती से हटकर, बिना भेदभाव के समाज सेवा करना हैं, इनका एक कहना यह भी है कि भगवान ने जब यह सुंदर अवसर मुझे दिया है तो इसको हमें करना चाहिए जिसे प्रभु की आज्ञा मान हम वही कर रहे है। आज मुझे इन दोनों के अन्दर पटेल नगर की भविष्य दिखाई दे रही है।एस के चौबे की भावना जो जनता के प्रति है वह बहुत ही मार्मिक है, उनका कहना है कि जो हमारी जनता दिन रात मेहनत करके दो वक्त की रोटी कमाती है वह शाम को अपने घर आकर कभी पानी के लिए भटक रही है, कभी बच्चों को नशेड़ी होते देख परेशान हो रही है, कभी झुग्गी झोपड़ी को टूटने का भय, कभी बिजली कर्मियों की मनमानी से परेशान इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए हमेशा संघर्ष करने के लिए तत्पर रहते है और सबके दुःख सुख में खड़े रहते है अपनी क्षमता अनुसार। यही कारण है कि एस के चौबे बिना किसी संवैधानिक पद न होने के बाद भी क्षेत्र की जनता के दिलों में राज कर रहे है जिससे विरोधियों के आंखों की किरकिरी बन गए वहीं प्रवेश रतन भी ग़रीब निर्धन की मदद करने के तत्पश्चात में अपनी छाप छोड़ रहे हैं आने वाले समय में प्रवेश रतन विकास पुरुष के नाम से जाने जायेंगे

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