शादी करने वाले अग्निवीर को स्थाई नहीं करेगी आर्मी
चरण सिंह
वाह गजब है अग्निवीर तो जैसे सरकार का बंधुआ बनकर रह जाएगा। उसे हर सुख चैन से वंचित करने की तैयारी सरकार ने कर दी है। पहले तो उसकी सेवा ही चार साल की है। इस कार्यकाल में यदि अग्निवीर शहीद हो जाता है तो उसे शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा न ही उसके परिजनों को सैनिक वाली कोई सुविधा। अब सेना ने एक शर्त अग्निवीर के सामने और रख दी है। शादी की तो उसे स्थाई नहीं किया जाएगा।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि जिस अग्निवीर ने पहले ही शादी कर ली है तो तो वह स्थाई होने के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा ? क्या उसे आवेदन करने के लिए तलाक लेना होगा ? तो क्या शादी करना उसके लिए अभिशाप साबित हो जाएगा ? ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब यह योजना आई थी तो यह नियम क्यों नहीं बना ? दरअसल यह शर्त आरएसएस के दबाव में रखी गई प्रतीत हो रही है। स्वयंसेवक बनने के लिए शादी न करना प्राथमिकता में आता है। तो क्या ऐसे ही अग्निवीर को शादी और परिवार से दूर रखा जाएगा ?
दरअसल इंडियन आर्मी की ओर से अग्निवीर सैनिकों के स्थायीकरण को लेकर एक नया रूल बनाया गया है। इस नए नियम के तहत अब जब तक अग्निवीर स्थायी नौकरी प्राप्त नहीं कर लेते हैं तब तक वे शादी नहीं कर सकते हैं। अगर कोई अग्निवीर स्थायी सैनिक बनने से पहले विवाह कर लेता है तो वो स्थायी होने के लिए एलिजिबल नहीं रहेगा और न ही इसके लिए आवेदन कर पायेगा। हालांकि यह माना जा रहा है कि अग्नि वीरों को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। केवल उनको अग्निवीर पद से सेवामुक्त होने के 4 से 6 महीने का इंतजार करना होगा।
दरअसल अग्निवीर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। ऐसे में चार साल की सेवा जून/ जुलाई 2026 में खत्म हो जाएगी। ऐसे में पहले बैच के दौरान भर्ती हुए 20 हजार युवा अब सेवामुक्त होने वाले हैं। इसमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता एवं परीक्षा के आधार पर परमानेंट यानी की आर्मी में स्थायी सैनिक के लिए चयनित किया जायेगा। हो सकता है कि जुलाई आते आते और कोई शर्त अग्निवीर के सामने रख दी जाए। वह यह भी हो सकती है कि स्थायी होने के लिए उसे परिवार से मोह त्यागना होगा।
चयनित होने के लिए इन सभी को स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन करना होगा और यह प्रक्रिया 4 से 6 महीने तक चल सकती है। ऐसे प्रश्न यह भी है कि आखिर इस बात की क्या गारंटी है कि स्थाई होने के बाद इनके सामने शादी करने की कोई अड़चन सामने न आए। यह भी हो सकता है कि शादी करने वाले सैनिक को आर्मी की सुविधा न मिले।

