अजय खरे
रीवा । समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा है कि अमेरिका की छोटे देशों पर दादागिरी के खिलाफ विश्व जनमत मुखर है। इसके चलते फ्रांस के बाद अब इटली ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के मनमानी फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा ईरान के खिलाफ उठाए जाने वाले कदम को लेकर असहमति जताई , वहीं इजरायल से सैनिक क़रार तोड़ लिया। डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी के खिलाफ बढ़ते विश्व जनमत से अमेरिकी खेमा बिखरता जा रहा है। यहां तक अमेरिका में भी भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नाटो भी अलग हो गया है।
श्री खरे ने कहा कि यह भारी विडम्बना है कि हमलावर अमेरिका ईरान को एक आतंकवादी देश बता रहा है जबकि खुद उसकी गतिविधियां आतंकवादी हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 8 और 9 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा नागासाकी के नागरिक क्षेत्र में एटम बम के जरिए लाखों लोगों का नरसंहार करने वाला अमेरिका मानवता के लिए कलंक है। वर्तमान समय में अमेरिका कुछ छोटे देशों को निहत्था (परमाणु शक्ति विहीन) बनाकर उन्हें आर्थिक और राजनीतिक रूप से गुलाम बनाने पर आमादा है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी को अमेरिका में कैद कर रखा है। वहां की संप्रभुता के साथ उसका खिलवाड़ जारी है। डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी के चलते मध्य पूर्व क्षेत्र की शांति भंग है। मौजूदा विश्व तेल संकट के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं जिन्होंने ईरान को भी बंधक बनाने की कोशिश की लेकिन उन्हें इसका मुंह तोड़ जवाब मिला है।
अमेरिका द्वारा युद्ध शुरू करके जिस तरह ईरान और अन्य देशों को धमकाया जा रहा है वह सरासर गलत है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई देशों को उकसाने का काम किया लेकिन फ्रांस रूस और चीन के द्वारा वीटो पावर लगाने के बाद धीरे धीरे कई देश अमेरिका के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।

