वीरता,त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में “रणरागिनी” नामक भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन पूर्व प्रधान आयकर महानिदेशक श्रीमती सुनीता बैंसला, शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार अनेजा तथा प्राचार्य प्रो. लता शर्मा ने दीप प्रज्वलित करने के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर लता शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन से संघर्ष की प्रेरणा व जीवनपर्यंत उस पर अमल करने को छात्राओं को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में संगीत विभाग की छात्राओं ने बलिदानी लक्ष्मीबाई पर आधारित भावपूर्ण गीत और एनसीसी की छात्राओं ने महारानी लक्ष्मीबाई के शौर्य पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। इतिहास विभाग द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई के जीवन, संघर्ष और अवदान पर आधारित एक उत्कृष्ट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता बैंसला ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रनिर्माण में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा लक्ष्मीबाई को भारतीय महिलाओं का अमर आदर्श बताया।
वक्ता के रूप में शासी निकाय अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार अनेजा ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए बलिदानी लक्ष्मीबाई के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने पर बल देते हुए कार्यक्रम के सफलता की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन व संयोजन डॉ. सुनील कुमार मिश्र द्वारा किया गया ।
उक्त अवसर पर प्रो. सीमा शर्मा कौशिक जी प्रो.सुनीता अरोड़ा जी, प्रो. सबरिना, डॉ. प्रमिला जी, डॉ॰ ललिता जी, डॉ॰ मनराज गुर्जर जी, डॉ. विनय कुमार मिश्रा जी, श्रीमान राजेश कुमार जी, डॉ. मीनाक्षी जी, डॉ. रेखा जी, डॉ. सुमित कुमार मीना जी, डॉ. रवींद्र जी सहित सैकड़ों की संख्या में अध्यापक व छात्राएं उपस्थित थे।
हिमकर







