चौधरी असलम (जिन्हें SSP चौधरी असलम खान के नाम से भी जाना जाता है) पाकिस्तान के सिंध पुलिस के एक चर्चित और कठोर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट थे। वे कराची में आतंकवाद, गैंगवार, टारगेट किलिंग और एक्सटॉर्शन के खिलाफ अपनी बेदर्द कार्रवाइयों के लिए मशहूर थे। उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूच लिबरेशन आर्मी, MQM और लियारी के गैंगस्टरों (जैसे रहमान डकैत) के खिलाफ कई ऑपरेशन किए। अनुमान है कि उन्होंने दर्जनों आतंकियों और अपराधियों को मार गिराया या गिरफ्तार किया।
मौत से पहले की कहानी (पत्नी नूरीन/नौरीन असलम के इंटरव्यू से) पत्नी नूरीन असलम ने हाल के इंटरव्यू में (खासकर आजतक और हिंदुस्तान जैसे मीडिया में) असलम की मौत से ठीक पहले की भावुक घटना बताई है।
आखिरी दिन घर …
असलम वॉशरूम से निकले तो नूरीन ने उन्हें खींचा, लेकिन वे उनके ऊपर गिर पड़े। नूरीन ने कहा: “मैं कितनी टेंशन बर्दाश्त करूं असलम, मुझे अल्लाह से तुम्हारी जिंदगी चाहिए।”
असलम ने उनका सिर सहलाया, ठोड़ी पकड़ी और बोले: “मुझे माफ कर दो, हक बख्श देना। तेरे चौधरी की किस गली में शाम हो जाए, ये किसी को नहीं मालूम।” यह उनकी बीवी से माफी मांगने और दुआओं जैसी भावुक विदाई मानी जा रही है। उन्होंने कहा था कि उनकी मौत का समय अल्लाह के हाथ में है और कोई नहीं जानता कि किस गली में उनकी शाम हो जाएगी। इसके बाद वे ड्यूटी पर निकले।
मौत का धमाका
राची के ल्यारी एक्सप्रेसवे (Essa Nagri इलाके) पर उनके काफिले को निशाना बनाया गया। TTP (पाकिस्तानी तालिबान) ने एक explosives-laden pickup truck या कार को उनके वाहन से टकरा दिया, जो 200 किलो विस्फोटक से भरी थी। धमाका इतना जोरदार था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। असलम समेत उनके ड्राइवर, गार्ड और दो अन्य पुलिसकर्मी शहीद हो गए। शव के कुछ हिस्से भी नहीं मिले — इतना विनाशकारी ब्लास्ट था।
TTP ने जिम्मेदारी ली और कहा कि असलम उनके कई साथियों को मारने के बदले में निशाना थे।
यह उनकी मौत की नौवीं कोशिश थी। इससे पहले वे 8-9 बार जानलेवा हमलों से बच चुके थे (एक बार उनके घर पर भी 300 किलो विस्फोटक से हमला हुआ था, लेकिन वे और परिवार बच गए थे)। 2011 के घर वाले हमले के बाद उन्होंने कहा था: “मैं शहीदों को दफन नहीं करता, मैं हमलावरों को दफन करता हूं।” फिल्म ‘धुरंधर’ (और धुरंधर 2) से कनेक्शन
बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ (रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना आदि) में संजय दत्त ने असलम जैसे किरदार को निभाया है, जो लियारी गैंगवार और एनकाउंटर की कहानी पर आधारित लगती है। नूरीन असलम ने फिल्म के ट्रेलर/किरदार पर आपत्ति जताई है — उन्हें लगता है कि असलम को “शैतान का बेटा” या “जिन्न” जैसे शब्दों से गलत तरीके से दिखाया गया है, जो उनके और उनकी मां के प्रति अपमानजनक है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। असलम संजय दत्त के बड़े फैन थे, लेकिन पत्नी को फिल्म का कुछ हिस्सा भ्रामक लगा।
यह कहानी वीरता, खतरे भरी जिंदगी और परिवार के दर्द की है। असलम को पाकिस्तान में “सुपर कॉप” या “कराची का डर्टी हैरी” कहा जाता था, लेकिन विवाद भी थे (कुछ एनकाउंटर विवादास्पद माने जाते थे)। नूरीन ने बताया कि असलम खुद कहते थे कि एक दिन उन पर फिल्में बनेंगी — जो अब हो भी रही है। उनकी याद में कई डॉक्यूमेंट्री और पॉडकास्ट भी बने हैं।

