चरण सिंह
इसमें दो राय नहीं कि प्रेम प्रसंग के चलते पतियों को ठिकाने लगाने के कई मामले हाल के ही दिनों में ही आये हैं पर राजा रघुवंशी हत्याकांड और दूसरे हत्याकांड से अलग हटकर है। जिस तरह से राज कुशवाहा सोनम के पिता देवी सिंह की प्लाईवुड फैक्ट्री में सुपरवाइजर था और सोनम उसी फैक्ट्री में एचआर हेड थी। मतलब सोनम का राज कुशवाहा से फैक्ट्री से लेकर घर तक संपर्क था, जिस तरह से यह बात सामने आ रही है कि राज कुशवाहा सोनम से राखी बंधवाता था। मतलब वह सोनम के परिवार के सदस्य की तरह था। शायद राखी बंधवाने का ड्रामा दोनों का परिजनों की आंख में धूल झोंकने के लिए चल रहा हो।
राजा ने अपराध पर अपराध किया है। पहले तो उसने सोनम के परिवार से विश्वासघात किया। दूसरा उसने सोनम को बरगलाया। जानकारी मिल रही है राजा की हत्या की साजिश शादी से पहले ही रच दी गई थी। इस मामले में यह बात समझने की जरूरत है कि पिता के साथ काम करने वाले लड़के के प्रति अक्सर लड़कियां आकर्षित हो जाती हैं। उसकी बड़ी वजह यह होती है कि उसका घर आना जाना लगा रहता है। सोनम तो फैक्ट्री में भी काम करने लगी थी। सोनम और राज जिस हद तक एक दूसरे के करीब थे। ऐसे में आखिर सोनम के परिजनों को पता क्यों नहीं चला ?
जिस तरह से सोनम के साथ राज कुशवाहा, आकाश और विशाल ने एक षड्यंत्र के तहत राजा हत्याकांड को अंजाम दिया। यह मामला आज की उस पीढ़ी के मानसिकता को दर्शाती है जो अपने को कुछ ज्यादा ही अकल्मन्द समझती है। ये युवा समझते हैं कि इनके परिजन और दूसरे लोग पागल हैं और सब कुछ यही ही जानते हैं। यदि राज कुशवाहा समझदार लड़का होता तो न केवल सोनम बल्कि उनके परिवार के लिए भी एक अच्छा लड़का साबित होता। यदि सोनम भटक भी गई थी तो उसे उसको संभालना चाहिए था। यदि राखी बंधवाता तो तो राखी की कीमत भी समझनी चाहिए थी। यह कैसा प्यार था कि सोनम की जिंदगी भी बर्बाद और खुद की भी। साथ ही तीन दोस्त भी।

