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जल्द खुलेगा एयर इंडिया हादसे का राज

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी, और यह भारत के सबसे घातक विमान हादसों में से एक है। लंदन-गतविक जाने वाली बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद मेघानी नगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

 

जांच में हालिया अपडेट:

ब्लैक बॉक्स डेटा: दोनों एनहांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFRs), यानी ब्लैक बॉक्स, 13 और 16 जून को क्रैश साइट से बरामद किए गए। इनमें फ्लाइट डेटा और कॉकपिट ऑडियो शामिल हैं, जो हादसे के अंतिम क्षणों को पुनर्जनन करने और कारणों का पता लगाने में मदद करेंगे। डेटा डाउनलोडिंग शुरू हो चुकी है, और भारत का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इसे एनालाइज कर रहा है, जिसमें यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और यूके के विशेषज्ञों का सहयोग है।
प्रारंभिक रिपोर्ट: AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 11 जुलाई 2025 तक आने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट 4-5 पेज की होगी और इसमें प्रारंभिक निष्कर्ष शामिल होंगे, हालांकि यह अंतिम कारणों को स्पष्ट नहीं करेगी। जांच में इंजन फेल्योर, फ्लैप सेटिंग्स, लैंडिंग गियर, और संभावित तोड़फोड़ जैसे कई पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
इंजन फेल्योर की संभावना: एयर इंडिया के कुछ पायलटों द्वारा किए गए सिमुलेशन टेस्ट में पाया गया कि लैंडिंग गियर के सक्रिय होने या फ्लैप्स के हटने से हादसे की संभावना कम थी। जांच का मुख्य फोकस अब दोनों इंजनों के संभावित फेल्योर पर है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि डबल इंजन फेल्योर बहुत दुर्लभ होता है।
अन्य संभावित कारण: जांच में पक्षी टकराने (बर्ड स्ट्राइक), ईंधन संदूषण, या रखरखाव में त्रुटि जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, एक सूत्र के अनुसार, बर्ड स्ट्राइक जांच का प्रमुख फोकस नहीं है।
विमान का इतिहास: टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का इतिहास “स्वच्छ” था, और इसके दाएं इंजन को मार्च 2025 में बदला गया था, जबकि बाएं इंजन की सर्विसिंग 2023 में हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: भारत, अमेरिका, और यूके के जांचकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। बोइंग और इंजन निर्माता जीई एयरोस्पेस भी जांच में सहयोग कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लैक बॉक्स डेटा को विश्लेषण के लिए अमेरिका भेजा जा सकता है, क्योंकि आग से रिकॉर्डर को नुकसान पहुंचा है।

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