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पश्चिमी यूपी का सबसे खतरनाक माफिया जिसका उत्तराखंड तक रहा है आतंक 

खतरनाक माफिया
द न्यूज 15 
नई दिल्ली। सुनील राठी को पश्चिमी यूपी का सबसे खतरनाक माफिया माना जाता है। यूपी में माफिया और बाहुबली कई सारे हुए, लेकिन एक कुख्यात माफिया ऐसा भी हुआ, जिसे यूपी-उत्तराखंड का डॉन कहा गया। इस डॉन का नाम है सुनील राठी। ये वही सुनील राठी है, जिस पर एक अन्य कुख्यात मुन्ना बजरंगी को जेल के अंदर गोली मारने का आरोप है। पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के अपराध जगत में सुनील राठी का अपना दबदबा है। बागपत के रहने वाले सुनील राठी के पिता नरेश राठी राजनीति में थे और नगर पंचायत टिकरी के चेयरमैन थे। पारिवारिक रंजिश के चलते साल 1999 में नरेश राठी की हत्या कर दी गई। पिता की हत्या के बाद सुनील राठी ने जुर्म की दुनिया में पहला कदम रखा और गैंग बनाकर साल भर के अंदर ही 4 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड के बाद सुनील बागपत से फरार हो गया।
बागपत से जाने के बाद उसने दिल्ली में कुछ वारदातों को अंजाम दिया और फिर हरिद्वार चला गया।
हरिद्वार में रहने के दौरान उसने अपना नेटवर्क बड़ा कर लिया। जहां एक तरफ प्रशासनिक अमला दो राज्यों के अलग होने में व्यस्त था तो वहीं दूसरी तरफ सुनील राठी गैंग के काम को चारों तरफ फैलाने में व्यस्त रहा, लेकिन 2000 में उसे हत्याओं के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। जेल जाने के बाद सुनील राठी की नजर अब जमीन और रंगदारी की ओर थी, जेल में बैठे-बैठे ही गुर्गों की मदद से उसने कई सारी जमीनों पर कब्ज़ा कर लिया।सुनील पर साल 2011 में रुड़की जेल में जेलर की हत्या का आरोप भी लगा था। सुनील राठी जब से गिरफ्तार हुआ, तब से केवल उसकी जेलें बदली गई। वह खुद कभी जेल से बाहर नहीं आया, लेकिन उसकी मां बागपत की टिकरी से चेयरमैन भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह अपने रसूख के दम पर मां राजबाला को छपरौली विधानसभा से चुनाव भी लड़वा चुका है। सुनील की मां राजबाला चौधरी व परिवार के अन्य लोगों पर भी दिल्ली, मेरठ, बागपत और हरिद्वार में हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी, अपहरण समेत कई मामलों में केस दर्ज है। हालांकि उसकी मां भी 2017 में एक बार गिरफ्तार हुई थी, जब सुनील ने जेल के अंदर से ही रुड़की के मशहूर डॉक्टर एनडी अरोड़ा से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में राठी ने डॉक्टर से कहा था कि वह इन पैसों को उनकी मां तक पहुंचा दे।
सुनील राठी जब रुड़की जेल में बंद था तो उसने अपनी जान को खतरा बताया था, जिसके बाद उसे बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। इसी दौरान सुनील राठी का नाम उस समय चर्चा में आया, जब 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल में बंद कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बता दें कि, मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप सुनील राठी पर ही लगा था और इस केस की जांच सीबीआई कर रही है।वहीं बीते साल दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट के बाद इस कुख्यात अपराधी सुनील राठी को मंडोली जेल परिसर की हाई रिस्क जेल नंबर 15 से शिफ्ट कर सेंट्रल जेल नंबर 14 जेल में डाला गया था। यह अपराधी भी अभी जेल के अंदर अपने अपराधों की सजा भुगत रहा है, लेकिन उसके गुर्गे अभी भी अलग-अलग जगह वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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