मधानी महोत्सव दंगल के साथ संपन्न
जनकपुरधाम। नेपाल के रौतहट जिले के मौलापुर नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित मधानी महायज्ञ का अंतिम दिन दंगल प्रतियोगिता के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक पतौराधाम दंगल में नेपाल और भारत के नामी-गिरामी पुरुष और महिला पहलवानों ने भाग लिया और अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया।
नेपाल और भारत के शीर्ष पहलवानों ने दिखाया दमखम:
इस दंगल में नेपाल से आए पहलवानों में त्रिलोकी यादव, बाब हरिओम, नमरता, मोख्तार अली और अनोखा साह ने जोरदार मुकाबले किए। वहीं, भारत से केरल के कट्टपा पहलवान, हसल पहलवान, उत्तराखंड के मेंटल पहलवान, अजगर पहलवान और बुकैम्प पहलवान ने अपने कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। जम्मू-कश्मीर के जावेद अली और यामीन पहलवान ने भी दंगल में भाग लिया।
महिला पहलवानों की शानदार भागीदारी:
महिलाओं के मुकाबले भी दंगल का मुख्य आकर्षण रहे। इसमें झारखंड की एप्पल पहलवान, गोरखपुर की खुशी पहलवान, गोपालगंज (बिहार) की पायल पहलवान और हरियाणा की काजल पहलवान ने दमदार मुकाबले लड़े। बंगाल के हुकुम सिंह, धमाका पहलवान और बनारस के प्रिंस पहलवान ने भी दंगल में अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
दंगल देखने उमड़ा जनसैलाब:
इस रोमांचक दंगल को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलापुर नगर पालिका के डिप्टी मेयर नागेंद्र यादव और मेयर रीना कुमारी साह ने सभी प्रतिभागी पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
पहलवानों ने दिखाई नागफांस और धोविया पाठ जैसी पारंपरिक कुश्ती तकनीकें:
प्रतियोगिता के दौरान पहलवानों ने धोविया पाठ, नागफांस और अन्य पारंपरिक दांव-पेचों का इस्तेमाल किया, जिसे देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। कुश्ती के हर दांव पर तालियों की गूंज सुनाई दी, और हर मुकाबले ने लोगों को दंगल के रोमांच में डुबो दिया।
मधानी महायज्ञ: एक धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजन का संगम
पतौराधाम स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर को सूचीबद्ध करने के संकल्प के साथ शुरू हुआ मधानी महायज्ञ पांच दिनों तक विविध आयोजनों के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना, बल्कि नेपाल-भारत के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

