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तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी जफर इकबाल सहित कर्मियों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ भरने की कवायद शुरू

राम विलास

राजगीर। नगर परिषद राजगीर के कार्यपालक पदाधिकारी ( तत्कालीन) एवं कार्यालय कर्मियों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ भरने की कवायद शुरू हो गई है. अनुमंडल पदाधिकारी कुमार ओमकेश्वर द्वारा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। एसडीओ का लेटर नगर परिषद में पहुंचते ही खलबली मच गयी है। प्रपत्र ‘क’ की जद में कौन कौन आ रहे हैं। इसकी कानाफूसी होने लगी है। नगर परिषद के इतिहास में पहली बार किसी कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ गठित करने की कार्रवाई की जा रही है।

एसडीओ द्वारा पूछा गया है कि आउटसोर्सिंग ठेकेदार मैसर्स दीपक कुमार शर्मा को साफ सफाई का निविदा कब दिया गया है। साफ सफाई निविदा स्वीकृत करने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर बनाने वाले कार्यपालक पदाधिकारी का नाम और उनके अलावे अन्य कर्मियों का नाम जिनका उस पर हस्ताक्षर है का डिटेल्स मांगी गयी है। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद से मांगी गयी रिपोर्ट आने के बाद कभी भी तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी मो जफर इकबाल और संबंधित कार्यालय कर्मियों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ भरा जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर की जा रही है। ज्ञात हो कि नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शहर के साफ सफाई कि जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग ठेकेदार मेसर्स दीपक कुमार शर्मा को दी गयी थी। इसका खुलासा उच्च स्तरीय जांच के बाद हुई है। सूत्रों के अनुसार साफ सफाई टेंडर लेने के लिये आउटसोर्सिंग ठेकेदार मेसर्स दीपक कुमार शर्मा द्वारा फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था।
कई दस्तावेजों से उनके द्वारा छेड़छाड़ और धोखाधड़ी किया गया था।

फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी का मामला जब डीएम शशांक शुभंकर के संज्ञान में आया तो उनके द्वारा इसे गंभीरता से लिया गया। उन्होंने मामले की जांच के लिये डीडीसी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला निगरानी धावादल का गठन किया था। जांच दल में डीडीसी के अलावे बिहारशरीफ के भूमि सुधार उपसमाहर्ता, साइबर सेल के पुलिस उपाधीक्षक, बिहारशरीफ के एसपीजीआरो, एडीएसएस के सहायक निदेशक और भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को शामिल किया गया था।  डीडीसी द्वारा डीएम को सौंपी गयी जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया पाया गया है कि संवेदक दीपक कुमार शर्मा द्वारा समर्पित विभिन्न दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर निविदा प्राप्त किया गया है।

ठेकेदार दीपक कुमार शर्मा द्वारा चरित्र प्रमाण पत्र, क्यूआर कोड, शपथपत्र, भविष्य निधि संगठन द्वारा निर्गत टीआरएन डिटेल्स से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा किया गया है। टीआरएन डिटेल्स से संबंधित सभी दस्तावेज अलग-अलग संस्था या व्यक्ति के नाम से है। उक्त सभी दस्तावेजों में सारे तथ्यों को संवेदक द्वारा छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा कर प्रस्तुत किया गया है।

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