उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2025 में दीपावली की एक खास बधाई दी है, जो सामान्य उत्सव की शुभकामना से कहीं आगे है। यह बधाई इसलिए “बड़ी” है क्योंकि हाल ही में यूनेस्को ने दीपावली को अपनी ‘अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ सूची में शामिल किया है। यह मान्यता भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाई प्रदान करती है, खासकर उत्तर प्रदेश और अयोध्या के संदर्भ में, जहां राम जन्मभूमि से जुड़ी यह परंपरा की जड़ें हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर इसकी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी और इसे गर्व का पल बताया। उनके शब्दों में:
“यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है। यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी। अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है। ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब है। अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करेगा। दीपावली केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है जो समाज को एकता और संस्कारों की ओर ले जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर बधाई दी, इसे भारतीय सभ्यता की आत्मा बताते हुए कहा कि यह राम के आदर्शों को वैश्विक प्रेरणा बनाएगा। यह मान्यता न केवल पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय के प्रतीक को दुनिया भर में फैलाएगी।








