उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा में 22 जुलाई को एक यादव जाति के कथावाचक के साथ ब्राम्हण वर्ग के कुछ लोगों द्वारा मारपीट बाल काटना और उस पर पेशाब छिड़कना जैसा अमानवीय व्यवहार की घटना हुयी | स्थानीय पुलिस द्वारा इस घटना के मुख्य 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया जिनके नाम आशीष तिवारी पुत्र राजीव कुमार तिवारी -उम्र 21 वर्ष, उत्तम अवस्थी पुत्र प्रदीप अवस्थी उम्र 19 वर्ष, प्रथम दुबे पुत्र मनु दुबे-उम्र 24 वर्ष, निक्की अवस्थी पुत्र बृजेश अवस्थी-उम्र 30 वर्ष हैं| राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिले के एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है| इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग आयोग, और विपक्ष की पार्टियों ने भी इस पर टिपण्णी की हैं|
इसके बाद से पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है | अब ब्राह्मण वर्ग के लोग अपनी दलीले दे रहे हैं और पुलिस पर अभियुक्तों को छोड़ने का दबाव बना रहे हैं | साथियों, इस पूरे मामले में पीड़ित की गलती सिर्फ यह थी कि वह यादव जाति का है और उसने अपने जाति छुपायी |
यहाँ पर यही एक गंभीर प्रश्न है क्या आज आजादी के 75 वर्ष बाद भी हमारे देश के पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित वर्ग के लोगों को पूजा पाठ / धार्मिक कर्म कांड कराने का अधिकार नहीं है ? क्या उन्हें ब्राह्मणों से अनुमति की जरूरत है? या फिर भगवान जाति के आधार पर आशीर्वाद देता है ?
इसके बाद से पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है | अब ब्राह्मण वर्ग के लोग अपनी दलीले दे रहे हैं और पुलिस पर अभियुक्तों को छोड़ने का दबाव बना रहे हैं | साथियों, इस पूरे मामले में पीड़ित की गलती सिर्फ यह थी कि वह यादव जाति का है और उसने अपने जाति छुपायी |
यहाँ पर यही एक गंभीर प्रश्न है क्या आज आजादी के 75 वर्ष बाद भी हमारे देश के पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित वर्ग के लोगों को पूजा पाठ / धार्मिक कर्म कांड कराने का अधिकार नहीं है ? क्या उन्हें ब्राह्मणों से अनुमति की जरूरत है? या फिर भगवान जाति के आधार पर आशीर्वाद देता है ?

