मुख्य आरोप और घटनाक्रम
अश्लील टिप्पणियां और रात्रिकालीन उत्पीड़न: छात्राओं ने आरोप लगाया है कि स्वामी चैतन्यानंद रात भर उन्हें परेशान करते थे, जिसमें “बेबी आई लव यू” जैसी अश्लील टिप्पणियां शामिल थीं। मार्च 2025 में स्वामी ने नई कार की पूजा के बहाने कुछ छात्राओं को ऋषिकेश ले जाया, जहां वापसी के दौरान उन्होंने लड़कियों पर अश्लील कमेंट किए। विरोध करने पर छात्राओं की अटेंडेंस और मार्क्स घटा दिए जाते थे।
मजबूरी में चुप्पी: ज्यादातर प्रभावित छात्राएं गरीब या फौजी परिवारों से हैं। स्वामी और उनके सहयोगियों ने छात्राओं के एजुकेशन सर्टिफिकेट कब्जे में ले लिए थे, जिससे उनकी पढ़ाई और करियर खतरे में पड़ गया। एक पूर्व छात्रा ने विरोध किया तो महिला स्टाफ ने उसे स्वामी के साथ चैट डिलीट करने के लिए मजबूर किया।
कुल शिकायतें: पुलिस ने अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें से 17 ने यौन शोषण की पुष्टि की। संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने वर्चुअल बैठक में जांच शुरू की थी।
ईमेल और एयरफोर्स ग्रुप कैप्टन की भूमिका
एक पूर्व छात्रा के ईमेल ने इस “डर्टी गेम” को उजागर किया। उसी ईमेल के साथ भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन ने भी शिकायत दर्ज कराई, जिससे दिल्ली पुलिस को कार्रवाई का आधार मिला।
4 अगस्त 2025 को श्री शृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने भी पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद FIR दर्ज हुई।
स्वामी की पृष्ठभूमि
स्वामी चैतन्यानंद ने शिकागो बूथ यूनिवर्सिटी से एमबीए और पीएचडी की है, जो नोबेल विजेताओं की यूनिवर्सिटी है। बाहर से संत की छवि लेकिन अंदर से “इच्छाधारी बाबा” के रूप में जाना जाता है। उनके सहयोगी, जिन्हें “लेडी गैंग” कहा जा रहा है, भी इस मायाजाल में शामिल थे।
पुलिस कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने स्वामी के खिलाफ POCSO और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। वे मोस्ट वांटेड लिस्ट में हैं और छापेमारी जारी है। यह मामला शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है।








