नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके दावे के लिए फटकार लगाई थी कि चीन ने भारत की 2000 किलोमीटर जमीन हड़प ली है। कोर्ट ने पूछा, “आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2000 किलोमीटर तक भारत की जमीन हड़प ली है? अगर आप सच्चे भारतीय होते तो ऐसा नहीं कहेंगे।” यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ कथित टिप्पणी से संबंधित एक मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान आई थी।
इसके जवाब में, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 29 जुलाई 2025 को लोकसभा में कहा कि 1962 के युद्ध के बाद चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो क्षेत्र चीन के नियंत्रण में हैं, वे 1962 के युद्ध के दौरान या उससे पहले कब्जाए गए थे।
हालांकि, ऐतिहासिक और हाल के दावों के अनुसार, चीन पर कई देशों की जमीन हड़पने का आरोप है। उदाहरण के लिए, 2020 में हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीन ने अक्साई चिन और गलवान घाटी में घुसपैठ की कोशिश की और 23 देशों की जमीन या समुद्री सीमाओं पर दावा जताता है, जिसमें 41 लाख वर्ग किलोमीटर भूमि (चीन का 43% हिस्सा) शामिल है। इसके अलावा, नेपाल, भूटान, और दक्षिण चीन सागर में ताइवान, वियतनाम जैसे देशों के साथ भी सीमा विवाद की खबरें हैं।
कोर्ट की टिप्पणी और सरकारी बयानों से यह स्पष्ट है कि भारत में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तीव्र है, लेकिन आधिकारिक तौर पर 1962 के बाद नए कब्जे से इनकार किया गया है। फिर भी, क्षेत्रीय विवादों और चीन की विस्तारवादी नीतियों पर चर्चा बनी रहती है।

