शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में अखबार के दफ्तर, मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्य समिति गहरी चिंता व्यक्त करती है। हादी न केवल आवामी लीग व भारत विरोधी थे बल्कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी से भी उनका विरोध था। यहां तक कि जमाते इस्लामी से भी उनकी दूरी बन गई थी। रिपोर्ट यह है कि वह अपने इंकलाबी मंच से स्वतंत्र ढंग से चुनाव लड़ना चाहते थे। ऐसी स्थिति में हादी की हत्या की न्यायिक जांच कराया जाना बेहद जरूरी है। हादी की हत्या यह दिखाती है कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूसुफ की प्रशासनिक क्षमता बेहद कमजोर है और तत्ववादी कट्टरपंथी तकतों का राजनीतिक प्रभाव बांग्लादेश में बढ़ा है। बांग्लादेश में सामान्य स्थिति पैदा करने के लिए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट यह अपेक्षा करता है कि बंग्लादेश की अंतरिम सरकार 2026 में होने वाले चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से करायेगी जिससे कि वहां एक जवाबदेह सरकार बन सकेगी।
एआईपीएफ देश के अंदर हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा सांप्रदायिक माहौल बनाने और पश्चिम बंगाल सरकार के विरुद्ध ध्रुवीकरण करने की जो कोशिश की जा रही है, उसकी कड़ी निंदा करता है। एआईपीएफ भारत के नागरिकों से इनकी राजनीतिक चाल में न फंसने की अपील करता है।
राष्ट्रीय कार्य समिति की ओर से!
एस. आर. दारापुरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट







