मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में भी है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार (22 अक्टूबर 2026) को कहा कि अगर विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने का नोटिस फिर से दिया तो निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जजों की तरह चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, ‘जब प्रस्ताव लाएंगे, तब प्रक्रिया अपनाएंगे, उसकी एक प्रक्रिया है. जिस तरीके से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस को हटाने की प्रक्रिया होती है, वैसे ही चुनाव आयोग के मामले में भी प्रक्रिया होती है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपना मत और विचार रखने का अधिकार है.’ उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में सबको अपना-अपना मत-विचार रखने का अधिकार होता है. संसद में जब लाएंगे, उस समय कार्रवाई करेंगे.’ संसद के सत्रावसान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए संविधान में निर्धारित प्रक्रिया है और इसमें लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका नहीं है।
संसद के सत्रावसान पर क्या बोले ओम बिरला?
उन्होंने कहा, ‘इसकी एक प्रक्रिया है. सरकार की संसदीय समिति माननीय राष्ट्रपति जी को भेजती है और राष्ट्रपति की अनुशंसा से होता है, इसकी नियम प्रक्रिया है.’ स्पीकर ओम बिरला ने इस मुद्दे पर और विस्तार से चर्चा करने से इनकार करते हुए कहा कि यह चर्चा का विषय नहीं है और संविधान में इसकी स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित है। इसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘यह विषय चर्चा का नहीं है. संविधान में इसकी एक प्रक्रिया है. अनुच्छेद 85 के तहत लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका नहीं है।
जस्टिस यशवंत वर्मा से संबंधित मामले पर बिरला ने कहा कि इस संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और इस पर चर्चा कर जल्द फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘रिपोर्ट आ गई है, इस पर चर्चा करके जल्द फैसला कर देंगे।

