स्वराज सत्याग्रह यात्रा: सोनम वांगचुक को जोधपुर की जेल से रिहा किया गया क्योंकि NSA यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून हटाया गया। इसका मतलब है कि उन पर यह कानून बिल्कुल गलत लगाया गया था इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री की जवाबदेही तह होनी ही है क्योंकि 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत के लिए महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है और सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार बुरी तरह से घिरी हुई है कोई जवाब नहीं सूझ रहा।
लद्दाख में वहां की जनता प्रदेश का दर्जा देने की मांग के साथ लद्दाख को संविधान की छठी सूची में डालने के लिए अपने संसाधनों का सरंक्षण चाह रहे हैं हिमालय क्षेत्र की यह एक उचित मांग है क्योंकि हिमालय पर्यावरण की दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र है इसे बिना रोक टोक से दोहन नहीं किया जा सकता है। लद्दाख की मिनरल और क्षेत्र को बेहरमी से कदापि दोहन नहीं किया जा सकता है। लद्दाख के वाशिंदे इसके लिए लामबंद हैं और सोनम वांगचुक इसकी अगुवाई शांति पूर्ण कर रहे हैं। यह केंद्र सरकार को नागवार है।
थोड़ी सी चूक पर जिसे केंद्रीय गृहमंत्रालय इंतजार में था का बहाना बना सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया और उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा कर लंबे समय तक लद्दाख से दूर रखने की प्लानिंग की गई। पर इसका पूरे भारत के साथ विश्व भर में विरोध हुआ और उनकी पत्नी ने बड़ी शिद्दत से सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी और देश की केंद्र सरकार को झुकाया। लोकतंत्र में यही खासियत है कि लोकमत के विरुद्ध बड़े से बड़ा हुक्मरान भी झुकता है। सोनम वांगचुक की शख्शियत ही ऐसी है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से हिमालयी सरंक्षण के लिए पूरे देश के आवाम का नेतृत्व कर रहे हैं। हिमालय को बचाना देश दुनियां के अस्तित्व की लड़ाई के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। धरती का बढ़ता तापमान जिसका मुख्य कारण धरती के वातावरण को पूंजीवादी मानसिकता द्वारा खराब किया जाना है क्योंकि अंधाधुंध संसाधनों का दोहन और इस्तेमाल बहुत बड़ा पर्यावरण संकट बन गया है।
केंद्र सरकार द्वारा दुनियां के बेहतरीन इंसान सोनम वांगचुक को बिना किसी वजह 6 महीने तक जेल में यातनाएं झेलने के लिए कैद किया गया है इसके लिए जवाबदेही तह की जानी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी जिम्मेदारी लें और अपने पद इसे इस्तीफा दें साथ में इसमें सीधे गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका है पर आपराधिक मामला दर्ज हो साथ में उन्हें बर्खास्त किया जाए। लद्दाख के लोगों को उनके जायज अधिकार अभिलंब दिए जाएं जो कि बहुत पहले दिए जाने चाहिए थे। इसी प्रकार जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा भी शीघ्र बहाल किया जाए। यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। भाजपा संघ अपने राजनीतिक लाभ और पूंजीपतियों के हितों के लिए देश की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकती है देश का आवाम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।








