Trending News:यह धरती नरपिशाचों के लिए तो नहीं हैअनंत सिंह को मिली जमानत, दुलारचंद यादव मर्डर केस में थे बंद, कब तक आएंगे जेल से बाहर?असम BJP की पहली लिस्ट में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला ईनाम!इजरायल के ईरान पर हमले की सजा भुगत रहा कतर! तेहरान ने एनर्जी साइट पर दागीं मिसाइलें, कितना हुआ नुकसान?शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरेंईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को IDF ने किया ढेर, इजरायल के रक्षा मंत्री का बड़ा दावा आज़ादी की लड़ाई की तर्ज पर आंदोलन कर ही किया जा सकता है बदलाव!पत्रकारिता के साथ ही बैंक में भी नौकरी की हरिवंश नारायण सिंह ने, प्रभात खबर से बनी थी पहचान!22 को बड़ा निर्णय लेंगे केसी त्यागी?सम्राट चौधरी होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार ने जमुई से दे दिया बड़ा मैसेजदुनियाभर में तेल की किल्लत, फिर भी पाकिस्तान को डिस्काउंट पर मिलेगा ऑयल! कुलदीप के रिसेप्शन में छाया क्रिकेटर्स का जलवा!इन देशों के पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइल! सारा अर्जुन ने दुनिया के सामने बताया असली धुरंधरमुजफ्फरपुर में पुलिस ने गोली मारकर की शख्स हत्या, बवाल, भड़के पप्पू यादवराज्यसभा सांसदों के लिए PM मोदी की फेयरबल स्पीच, खरगे और शरद पवार का जिक्र कर क्या कहास्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का ‘एग्जिट प्लान’पाकिस्तान ने काबुल में 400 निर्दोष लोगों को एयर स्ट्राइक में मारा, गुस्से में भारत, बोला- ‘बर्दाश्त नहीं…’हरियाणा : राज्यसभा चुनाव रिजल्ट के बाद कांग्रेस में कलह! कार्यकारी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफामुकेश सूर्यान को मिली असम चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी!टीएमसी ने उतारे 291 उम्मीदवार, नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी, इस पार्टी के लिए छोड़ी 3 सीटवाराणसी में गंगा की लहरों पर ‘नॉनवेज इफ्तारी’! कूड़ा नदी में फेंका, वीडियो बनाने वाले तहसीम सहित 14 गिरफ्तारकांशीराम पर अब दलित वोटबैंक की राजनीति, सभी दल लगाने भुनाने में!कायर सरकार-कमजोर विपक्ष और बेहाल जनता! भारतीय भक्ति काव्य परम्परा, संगीत की संगत में गुज़रे तीन दिन!समाजवादी राजनीति का आधार विचार और संघर्ष होना चाहिए न कि सत्ताहोर्मुज पर गच्चा खाने के बाद बौखलाए ट्रंप, कहा – हमें किसी की जरूरत नहीं…व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए बहुसंख्यक जनता के हितों पर बार-बार मर्मांतक चोट की मोदी नेयुद्ध नहीं बुद्ध चाहिए …डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर और कांशीराम के राजनीतिक प्रतिमानों का तुलनात्मक विश्लेषणप्राधिकरण द्वारा लगातार हरियाली का दायरा घटाने पर किसान सभा ने दर्ज कराया विरोधकेरल चुनाव के लिए BJP ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उताराएक घंटे में कितना तेल पीता है ‘शिवालिक जहाज’, जो LPG लेकर आज पहुंचेगा भारत?भारतीय किसान यूनियन भानु ने घरेलू गैस सिलेंडर की समस्या को लेकर नोएडा सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन कच्चा तेल पर्याप्त मात्रा में, कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई शुरूसोनम वांगचुक जोधपुर की जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से घिरी हुई है केंद्र सरकारदीपिका कक्कड़ की ननद सबा इब्राहिम ने हाईवे पर क्यों किया इफ्तार!ईरान वॉर ने खोल दी दुनिया की सबसे बड़ी कमजोरी! UN का बड़ा अलर्ट शिक्षक नेता पर भड़के मिनिस्टर दयाशंकर सिंहट्रम्प को बड़ा झटका, होर्मुज पर चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया ने ठुकराई अमेरिका की अपील अब अमेरिका से उठी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग, पीएम मोदी और मोहन भागवत की चुप्पी से उठे बड़े सवाल ?अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाईभारत में जाति और डिजिटल अर्थव्यवस्था : असमानता, सत्ता और आंबेडकरवादी चुनौतीसोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्नथलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्टभारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची…तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराजसोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसलारिकी पोंटिंग का बड़ा बयान, बुमराह या सैमसन नहीं, इंग्लैंड के ऑलराउंडर को बताया वर्ल्ड कप 2026 का नंबर-1 खिलाड़ी होर्मुज के आईलैंड पर कब्जा करेगा अमेरिका? US नेवी के पूर्व अफसर ने बताया खतरनाक प्लान!आ गया ‘उस्ताद भगत सिंह’ का पहला रिव्यू!होर्मुज बंद करना ट्रंप का गेम प्लान नहीं है, ईरान की जवाबी रणनीति है!ईरान-इजरायल जंग के बीच उत्तर कोरिया ने दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें?“सब सामान्य है” : सत्ता का नया शास्त्रकिसानों के साथ मजबूती से खड़ी सोशलिस्ट पार्टी इंडियानोएडा में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, प्रशासन के दावे फेल : गंगेश्वर दत्त शर्मायुवा कुंभ का आयोजनकैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड फैक्ट्री में भीषण आग, कई श्रमिक घायल, मौतों की आशंकाऐसे ही तो अजय प्रताप ने गोली नहीं मारी दोनों अधिकारियों को ?हकीकत की ठोकरें हमें हमारे ख्वाबों की असली कीमत समझाने…अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाईबीजेपी के गले की फांस बन गई उज्ज्वला’तानाशाही की पराकाष्ठा है संकट के समय मोदी-योगी का डराने-धमकाने का रवैया! अफगानिस्तान ने किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमलाक्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोणबदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिएअमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “फिर भी ईरान ने अपने को भारत का दोस्त साबित किया!ना गैस, ना चूल्हा-इंडक्शन पर फूली-फूली, रुई जैसी नरम रोटी बनाएं!नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोजविनाश की नींव पर खड़ी…THE WHITE MEN’S BURDENन बचेगी ट्रम्प शाही …न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका शिगूफा छोड़ने के अलावा कुछ नहीं किया मोदी ने, संकट में डाल दिया देश को !सहारा मीडिया का नोएडा ऑफिस कुर्क होगा !पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की तारीख तय!आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुले? 26 शर्तों के बाद शंकराचार्य को मिली अनुमति पर बोले सपा मुखिया गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्माSahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंचमेरठ में करीब डेढ़ हजार दुकानों पर चलेगा बुलडोजर?किसान सभा गौतम बुद्ध नगर के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने किसान मजदूर संसद में लिया हिस्साअपराध की जड़ को समझना होगा — समाज और परिवार की भी है जिम्मेदारीबिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना होगा जनादेश के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)सीतापुर के हिण्डोरा गांव में सोशलिस्ट किसान सभा का धरनाशहर-शहर LPG की किल्लत, कहीं ‘आउट ऑफ स्टॉक’ तो कहीं दाम दोगुने…शिक्षा और सामाजिक न्याय की क्रांतिकारी प्रतीक सावित्रीबाई फुलेजंतर-मंतर पर आयोजित मजदूर किसान संसद में उठे मजदूर-किसान मुद्दे, देशव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वानमज़दूर किसान संसद के फैसले, 23 को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस, 1 अप्रैल को राष्ट्रीय काला दिवस.. एसकेएमक्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?गुनाह कोई करे शर्मिंदगी सबको उठानी पड़े!
Trending News:यह धरती नरपिशाचों के लिए तो नहीं हैअनंत सिंह को मिली जमानत, दुलारचंद यादव मर्डर केस में थे बंद, कब तक आएंगे जेल से बाहर?असम BJP की पहली लिस्ट में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला ईनाम!इजरायल के ईरान पर हमले की सजा भुगत रहा कतर! तेहरान ने एनर्जी साइट पर दागीं मिसाइलें, कितना हुआ नुकसान?शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरेंईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को IDF ने किया ढेर, इजरायल के रक्षा मंत्री का बड़ा दावा आज़ादी की लड़ाई की तर्ज पर आंदोलन कर ही किया जा सकता है बदलाव!पत्रकारिता के साथ ही बैंक में भी नौकरी की हरिवंश नारायण सिंह ने, प्रभात खबर से बनी थी पहचान!22 को बड़ा निर्णय लेंगे केसी त्यागी?सम्राट चौधरी होंगे बिहार के मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार ने जमुई से दे दिया बड़ा मैसेजदुनियाभर में तेल की किल्लत, फिर भी पाकिस्तान को डिस्काउंट पर मिलेगा ऑयल! कुलदीप के रिसेप्शन में छाया क्रिकेटर्स का जलवा!इन देशों के पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइल! सारा अर्जुन ने दुनिया के सामने बताया असली धुरंधरमुजफ्फरपुर में पुलिस ने गोली मारकर की शख्स हत्या, बवाल, भड़के पप्पू यादवराज्यसभा सांसदों के लिए PM मोदी की फेयरबल स्पीच, खरगे और शरद पवार का जिक्र कर क्या कहास्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का ‘एग्जिट प्लान’पाकिस्तान ने काबुल में 400 निर्दोष लोगों को एयर स्ट्राइक में मारा, गुस्से में भारत, बोला- ‘बर्दाश्त नहीं…’हरियाणा : राज्यसभा चुनाव रिजल्ट के बाद कांग्रेस में कलह! कार्यकारी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफामुकेश सूर्यान को मिली असम चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी!टीएमसी ने उतारे 291 उम्मीदवार, नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी, इस पार्टी के लिए छोड़ी 3 सीटवाराणसी में गंगा की लहरों पर ‘नॉनवेज इफ्तारी’! कूड़ा नदी में फेंका, वीडियो बनाने वाले तहसीम सहित 14 गिरफ्तारकांशीराम पर अब दलित वोटबैंक की राजनीति, सभी दल लगाने भुनाने में!कायर सरकार-कमजोर विपक्ष और बेहाल जनता! भारतीय भक्ति काव्य परम्परा, संगीत की संगत में गुज़रे तीन दिन!समाजवादी राजनीति का आधार विचार और संघर्ष होना चाहिए न कि सत्ताहोर्मुज पर गच्चा खाने के बाद बौखलाए ट्रंप, कहा – हमें किसी की जरूरत नहीं…व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए बहुसंख्यक जनता के हितों पर बार-बार मर्मांतक चोट की मोदी नेयुद्ध नहीं बुद्ध चाहिए …डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर और कांशीराम के राजनीतिक प्रतिमानों का तुलनात्मक विश्लेषणप्राधिकरण द्वारा लगातार हरियाली का दायरा घटाने पर किसान सभा ने दर्ज कराया विरोधकेरल चुनाव के लिए BJP ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उताराएक घंटे में कितना तेल पीता है ‘शिवालिक जहाज’, जो LPG लेकर आज पहुंचेगा भारत?भारतीय किसान यूनियन भानु ने घरेलू गैस सिलेंडर की समस्या को लेकर नोएडा सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन कच्चा तेल पर्याप्त मात्रा में, कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई शुरूसोनम वांगचुक जोधपुर की जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से घिरी हुई है केंद्र सरकारदीपिका कक्कड़ की ननद सबा इब्राहिम ने हाईवे पर क्यों किया इफ्तार!ईरान वॉर ने खोल दी दुनिया की सबसे बड़ी कमजोरी! UN का बड़ा अलर्ट शिक्षक नेता पर भड़के मिनिस्टर दयाशंकर सिंहट्रम्प को बड़ा झटका, होर्मुज पर चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया ने ठुकराई अमेरिका की अपील अब अमेरिका से उठी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग, पीएम मोदी और मोहन भागवत की चुप्पी से उठे बड़े सवाल ?अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाईभारत में जाति और डिजिटल अर्थव्यवस्था : असमानता, सत्ता और आंबेडकरवादी चुनौतीसोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्नथलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्टभारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची…तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराजसोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसलारिकी पोंटिंग का बड़ा बयान, बुमराह या सैमसन नहीं, इंग्लैंड के ऑलराउंडर को बताया वर्ल्ड कप 2026 का नंबर-1 खिलाड़ी होर्मुज के आईलैंड पर कब्जा करेगा अमेरिका? US नेवी के पूर्व अफसर ने बताया खतरनाक प्लान!आ गया ‘उस्ताद भगत सिंह’ का पहला रिव्यू!होर्मुज बंद करना ट्रंप का गेम प्लान नहीं है, ईरान की जवाबी रणनीति है!ईरान-इजरायल जंग के बीच उत्तर कोरिया ने दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें?“सब सामान्य है” : सत्ता का नया शास्त्रकिसानों के साथ मजबूती से खड़ी सोशलिस्ट पार्टी इंडियानोएडा में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, प्रशासन के दावे फेल : गंगेश्वर दत्त शर्मायुवा कुंभ का आयोजनकैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड फैक्ट्री में भीषण आग, कई श्रमिक घायल, मौतों की आशंकाऐसे ही तो अजय प्रताप ने गोली नहीं मारी दोनों अधिकारियों को ?हकीकत की ठोकरें हमें हमारे ख्वाबों की असली कीमत समझाने…अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाईबीजेपी के गले की फांस बन गई उज्ज्वला’तानाशाही की पराकाष्ठा है संकट के समय मोदी-योगी का डराने-धमकाने का रवैया! अफगानिस्तान ने किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमलाक्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोणबदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिएअमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “फिर भी ईरान ने अपने को भारत का दोस्त साबित किया!ना गैस, ना चूल्हा-इंडक्शन पर फूली-फूली, रुई जैसी नरम रोटी बनाएं!नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोजविनाश की नींव पर खड़ी…THE WHITE MEN’S BURDENन बचेगी ट्रम्प शाही …न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका शिगूफा छोड़ने के अलावा कुछ नहीं किया मोदी ने, संकट में डाल दिया देश को !सहारा मीडिया का नोएडा ऑफिस कुर्क होगा !पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की तारीख तय!आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुले? 26 शर्तों के बाद शंकराचार्य को मिली अनुमति पर बोले सपा मुखिया गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्माSahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंचमेरठ में करीब डेढ़ हजार दुकानों पर चलेगा बुलडोजर?किसान सभा गौतम बुद्ध नगर के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने किसान मजदूर संसद में लिया हिस्साअपराध की जड़ को समझना होगा — समाज और परिवार की भी है जिम्मेदारीबिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना होगा जनादेश के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)सीतापुर के हिण्डोरा गांव में सोशलिस्ट किसान सभा का धरनाशहर-शहर LPG की किल्लत, कहीं ‘आउट ऑफ स्टॉक’ तो कहीं दाम दोगुने…शिक्षा और सामाजिक न्याय की क्रांतिकारी प्रतीक सावित्रीबाई फुलेजंतर-मंतर पर आयोजित मजदूर किसान संसद में उठे मजदूर-किसान मुद्दे, देशव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वानमज़दूर किसान संसद के फैसले, 23 को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस, 1 अप्रैल को राष्ट्रीय काला दिवस.. एसकेएमक्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?गुनाह कोई करे शर्मिंदगी सबको उठानी पड़े!
तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आत्मा और बलिदानों की गाथा है। इसकी असली गरिमा तभी बनी रहेगी जब इसे वही हाथ फहराएँ जो इसके लिए प्राणों की आहुति देने को तत्पर रहते हैं। इसलिए गाँव-नगरों में झंडा फहराने का अधिकार शहीद सैनिकों की विरांगनाओं, पूर्व सैनिकों और वर्तमान सैनिकों को मिलना चाहिए। यह परंपरा केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बनेगी। राष्ट्र को बलिदान और सेवा की पहचान यही सिखाती है कि सैनिक ही असली ध्वजवाहक हैं।
डॉ सत्यवान सौरभ
स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि या राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह उन लाखों बलिदानों की याद दिलाने वाला दिन है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई। 15 अगस्त केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का क्षण है। हर बार जब तिरंगा लहराता है तो हमें यह सोचना चाहिए कि इस पवित्र ध्वज का सबसे बड़ा अधिकार आखिर किसके हाथों में होना चाहिए।
आज यह प्रश्न और भी प्रासंगिक हो जाता है क्योंकि स्वतंत्रता के 79 वर्षों बाद भी हम इस सवाल का स्पष्ट और न्यायपूर्ण उत्तर खोजने में असफल रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर मंचों पर अधिकतर नेता, अधिकारी या सरकारी प्रतिनिधि ध्वज फहराते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, लेकिन क्या यह सही है? क्या तिरंगे को फहराने का सबसे बड़ा सम्मान उन हाथों तक नहीं पहुँचना चाहिए जिनकी वजह से यह ध्वज आज स्वतंत्र आकाश में लहरा रहा है?
ध्वज का अधिकार—सिर्फ सैनिकों का
अब समय आ गया है कि पूरे देश में एक नई परंपरा स्थापित हो। राष्ट्रीय पर्वों पर—
सबसे पहले शहीद सैनिकों की विरांगनाओं को झंडा फहराने का अवसर मिले।
उसके बाद पूर्व सैनिकों को।
और फिर वर्तमान सैनिकों को।
राज्य और ज़िला स्तर पर सरकार के प्रतिनिधि झंडा फहराएँ, यह स्वीकार्य है, लेकिन गाँव और नगर स्तर पर यह अधिकार केवल सैनिकों और उनके परिवारों के हाथों में होना चाहिए।
यह व्यवस्था इसलिए भी उचित है क्योंकि इस दुनिया में कोई किसी और के लिए प्राण नहीं देता। केवल सैनिक ही वह वीर हैं जो पूरे राष्ट्र के लिए अपनी जान न्यौछावर कर देते हैं। बाकी लोग अक्सर ऐसे अवसरों को अपने प्रचार और तस्वीरें खिंचवाने तक सीमित कर देते हैं।
बलिदान की गरिमा
आज़ादी की असली क़ीमत वही जान सकता है जिसने सीमा पर खड़े होकर गोलियों की आवाज़ सुनी हो, जिसने युद्ध की भयावहता देखी हो, या जिसने अपने बेटे, पति, भाई या पिता को मातृभूमि के लिए खोया हो। बलिदान की यह गरिमा न तो राजनीतिक मंचों पर भाषणों से आती है, न ही मंच पर चमकते कैमरों से। यह गरिमा केवल सैनिक और उसका परिवार समझ सकता है।
भारत के इतिहास में हर मोड़ पर यही सत्य दिखाई देता है। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हो, 1962, 1965 और 1971 के युद्ध हों, या फिर 1999 का कारगिल युद्ध—हर बार सैनिकों ने अपने खून से तिरंगे की लाज रखी है। आज़ादी के बाद भी आतंकवाद-निरोधी अभियानों से लेकर सीमा पर लगातार होने वाली झड़पों तक, सैनिकों ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जो बलिदान दिया है, वह किसी शब्द में समेटा नहीं जा सकता।
ध्वज का प्रतीक और सैनिक की शपथ
तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं है। यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और आत्मसम्मान का प्रतीक है। इसमें शांति, साहस और प्रगति का संदेश है। लेकिन इस ध्वज को सदैव स्वतंत्र रखने का संकल्प सबसे पहले सैनिकों ने लिया।
जब कोई सैनिक सेना में भर्ती होता है, तो वह केवल नौकरी नहीं करता, वह मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने की शपथ लेता है। उसके लिए तिरंगा केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है। इसलिए जब सैनिक या पूर्व सैनिक तिरंगे को फहराता है तो वह केवल एक औपचारिकता नहीं होती, बल्कि एक जीवित प्रतिज्ञा होती है। इसके मुकाबले किसी राजनेता या अधिकारी द्वारा झंडा फहराना अक्सर केवल प्रोटोकॉल और रस्म अदायगी भर रह जाता है।
राजनीति बनाम बलिदान
दुर्भाग्य यह है कि आज स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम अनेक जगहों पर राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बन गए हैं। मंचों पर नेताओं की लंबी-लंबी बातें होती हैं, झंडा फहराने के तुरंत बाद कैमरों के सामने तस्वीरें खिंचती हैं और लोग तालियाँ बजाकर घर लौट जाते हैं।
लेकिन यदि यही झंडा किसी पूर्व सैनिक या शहीद की पत्नी के हाथों में सौंप दिया जाए तो वह क्षण केवल रस्म नहीं रहेगा। वह दृश्य श्रद्धा, बलिदान और देशभक्ति का वास्तविक संदेश बनेगा। इससे युवाओं और बच्चों को यह सीख मिलेगी कि असली नायक वे नहीं हैं जो भाषण देते हैं, बल्कि वे हैं जो खामोशी से अपना जीवन राष्ट्र के लिए अर्पित कर देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
दुनिया के कई देशों में यह परंपरा है कि राष्ट्रीय पर्वों पर सैनिक या उनके परिवार ध्वज फहराते हैं। इससे सैनिकों की गरिमा और बलिदान को सर्वोच्च स्थान मिलता है। अमेरिका, रूस, इज़राइल और कई यूरोपीय देशों में सैनिकों और वॉर वेटरन्स को राष्ट्रीय दिवसों पर प्राथमिकता दी जाती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में, जहाँ सेना केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं बल्कि आपदा राहत, शांति स्थापना और विकास कार्यों में भी योगदान देती है, वहाँ यह परंपरा और भी आवश्यक है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और आभासी दुनिया में व्यस्त है। उनके लिए देशभक्ति कई बार केवल नारे और फिल्मी गीतों तक सीमित रह जाती है। लेकिन यदि गाँव-नगरों में तिरंगा पूर्व सैनिकों और शहीदों की विरांगनाओं के हाथों में फहराया जाए तो यह दृश्य युवाओं के दिलों पर गहरी छाप छोड़ेगा।
वे समझ पाएँगे कि राष्ट्रप्रेम केवल भाषणों और नारों से नहीं आता, बल्कि बलिदान और सेवा से आता है। यह परंपरा उन्हें सेना में जाने, अनुशासन अपनाने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देगी।
नया संकल्प
यदि हम चाहते हैं कि स्वतंत्रता दिवस केवल औपचारिक पर्व न रह जाए, तो हमें इसे सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय संकल्प दिवस बनाना होगा। इसके लिए ध्वज को उन्हीं हाथों में देना होगा जो इसके लिए सबसे योग्य हैं। इससे न केवल सैनिकों का सम्मान होगा, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि राष्ट्रभक्ति का असली अर्थ केवल सैनिक जीवन से सीखा जा सकता है।
आज जब हम 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तो हमें याद रखना होगा कि तिरंगे का सम्मान केवल तभी सच्चा होगा जब इसे वही हाथ उठाएँ जो इसके लिए प्राणों की आहुति देने का साहस रखते हैं। सरकार और समाज यदि यह परंपरा स्थापित कर दें कि गाँव-नगरों में ध्वज केवल पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के हाथों में लहराए, तो यह न केवल बलिदान की गरिमा को स्थापित करेगा, बल्कि हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का नया संकल्प भी जगा देगा।