Social Crime : सोशल मीडिया की वजह से परिवार खत्म हो गया है

चित्रकूट में सोशल मीडिया की वजह से पूरा परिवार खत्म हो गया। यहां मानिकपुर में रहने वाले पिता ने इंस्टाग्राम पर बेटी की बॉयफ्रेंड के साथ रील देख गोली मार दी। बचाव करने आई पत्नी की भी गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद वह बंदूक छोड़कर भाग गया। मंगलवार सुबह आरोपी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।

उसका शव घर से 2 किमी. दूर जंगल में पेड़ से लटकता मिला है। आज सुबह गांव के कुछ लोग जंगल की तरफ से गुजरे तो उन्होंन नंद किशोर का देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अब परिवार में सिर्फ 15 साल की एक बेटी बची है।

ननिहाल में रहती थी नंद किशोर की बेटी खुशी

घटना बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के सेमरदहा गांव की है। यहां के रहने वाले नंद किशोर त्रिपाठी की बेटी खुशी त्रिपाठी (18) अपने ननिहाल मराचंद्रा गांव में रहती थी। वहीं पर पंकज यादव नाम के युवक से उसका प्रेम-प्रसंग हो गया।

होली पर कुछ दिनों पहले ही खुशी अपने घर आई थी। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को पिता ने बेटी के फोन में इंस्टाग्राम रील देखी। इसमें खुशी किसी लड़के के साथ दिखाई दी। इसके बाद वह आग बबूला हो गया। पहले तो उसने बेटी को समझाया, लेकिन बेटी से झगड़ा बढ़ता गया। पत्नी सीमा ने शांत कराने की कोशिश की पर मामला नहीं सुलझा।

अस्पताल ले जाते समय खुशी ने तोड़ा दम

पड़ोसियों ने बताया, “पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि नंद किशोर ने लाइसेंसी बंदूक से अपनी बेटी खुशी को गोली मार दी। ये गोली खुशी की छाती पर लगी। नंद किशोर लगातार फायरिंग कर रहा था। बीच बचाव करने आई पत्नी सीमा (45) को दूसरी गोली लग गई। गोली की आवाज सुनकर मौके पर आस-पास के लोग पहुंचे। लोग लड़की को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। जबकि मां की मौके पर ही मौत हो गई।

कई दिनों से पिता-बेटी में था विवाद

बताया जा रहा है कि खुशी कुछ दिन पहले ही अपने ननिहाल माराचंद्रा गई थी। कुछ बात के चलते पिता नंद किशोर उसे वापस घर ले आया था। इस पर गुस्से में खुशी ने जहरीला पदार्थ भी खा लिया था। अभी चार दिन पहले मानिकपुर CHC में उसका इलाज हुआ था। इसके बाद से हर रोज पिता व बेटी में विवाद होता था। बेटी का प्रेम-प्रसंग ही विवाद का कारण बताया जा रहा है।

गोली मारने के बाद की सुसाइड करने की कोशिश

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “नंद किशोर के घर से फायरिंग की आवाज आई, तो हम लोग दौड़ के मौके पर गए। वहां पर मां-बेटी खून से लथपथ हालत में आंगन में पड़ी थीं। वहीं पर पास में नंद किशोर भी बेसुध हालत में पड़ा था। उसके हाथ में बंदूक थी, उसने कनपटी पर तानी और ट्रिगर दबाने वाला था। तब तक हम लोगों ने उसे रोक लिया।

दोनों के पास गए तो देखा कि सीमा की मौत हो चुकी थी। लेकिन बिटिया खुशी की सांसें अभी चल रही थीं। उसे अस्पताल ले जाने लगे। लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इसी बीच नंद किशोर मौके से फरार गया। आज उसका शव मिला है। पत्नी व बेटी की हत्या का बोझ वह सह नहीं पाया और खुद भी जान दे दी।

प्राइवेट अस्पताल में काम करता था नंद किशोर

रिश्तेदारों के बताया, “नंद किशोर अपने 5 भाइयों में सबसे छोटा था। वह कर्वी में कृष्ण विनायक प्राइवेट अस्पताल में नौकरी करता था। इसके अलावा ऐन्चवारा गांव में पशु मित्र के रूप में भी काम करता था। उसके पास कुल 1 बीघा जमीन थी। जिसे बटाई पर देकर खेती कराता था। परिवार में दो बेटियां थीं, हंसी खुशी सब रहते थे। लेकिन ये नहीं पता था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।”

पिता के शव से लिपटकर रोने लगती है बेटी

नंद किशोर के परिवार में अब सिर्फ उसकी 15 साल की बेटी निशी  बची है। कल मां-दीदी की मौत के बाद आज पिता की मौत से वह बेसुध हो गई है। निशी अपने पिता के शव से बार-बार लिपटकर रोने लगती है। आस पास के लोग उसे ढांढस बंधाते हैं, लेकिन परिवार खत्म होने से वह टूट चुकी है। निशी को पुलिसकर्मी भी समझा बुझाकर शांत करा रहे हैं। लेकिन उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।

जंगल में आरोपी पिता की मिली डेडबॉडी

ASP चक्रमणि त्रिपाठी ने कहा, ‘सोमवार को एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी-बेटी की हत्या की थी। आज गांव से दो किमी. दूर घने जंगल में उसकी भी डेडबॉडी मिली है। ग्रामीणों के अनुसार, वह कल ही आत्महत्या करने वाला था, लेकिन लोगों ने उसे रोक लिया। आत्मग्लानि के चलते उसने आज फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।’

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *