SIR विवाद : विपक्ष का सरकार पर तीखा प्रहार, ‘लोकतंत्र खतरे में’ की चेतावनी

भारतीय राजनीति में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भारी विवाद छिड़ा हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई यह प्रक्रिया, जो उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में चल रही है, विपक्षी दलों द्वारा ‘लोकतंत्र के खिलाफ मेगा साजिश’ करार दी जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक) से ठीक पहले कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी (SP) और अन्य विपक्षी दल सरकार पर हमला बोल रहे हैं। उनका कहना है कि SIR के जरिए वोटर लिस्ट से लाखों नाम काटे जा सकते हैं, जो गरीबों, अल्पसंख्यकों और विपक्ष समर्थकों को निशाना बनाने का प्रयास है।
विपक्ष की मुख्य चेतावनी और आरोप

कांग्रेस का रुख: कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शनिवार को कहा, “संसद लोकतंत्र का मंदिर है, जहां संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा होनी चाहिए। सत्ता पक्ष लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करने में लगा है।” उन्होंने SIR पर सदन में चर्चा की मांग की, वरना सत्र सुचारू रूप से नहीं चलेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने सत्र को सिर्फ 15 बैठकों तक सीमित कर दिया, जबकि 19 दिनों का होना चाहिए था। अन्य मुद्दों में दिल्ली धमाकों में सुरक्षा चूक, चुनाव आयोग का पक्षपात, प्रदूषण, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और विदेश नीति शामिल हैं।
TMC का हमला: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी SIR को लोकतंत्र पर खतरा बताया। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया चुनावी साजिश है, और चुनाव आयोग ने बीजेपी के पक्ष में काम किया। उन्होंने सभी दलों से एकजुट होने की अपील की।
SP चीफ अखिलेश यादव का बयान: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR को ‘मेगा साजिश’ कहा, जो देश को औपनिवेशिक काल से भी बदतर बना सकती है। उन्होंने कहा, “आज वोट कटेंगे, कल बैंक अकाउंट…” यानी यह वोटरों के बाद नागरिकों के आर्थिक अधिकारों पर भी हमला है। उन्होंने NDA सहयोगियों समेत सभी से विरोध करने की अपील की।

विपक्ष का दावा है कि SIR से बिहार चुनावों में NDA की जीत का फायदा उठाकर अन्य राज्यों में वोट बैंक को कमजोर किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने SIR को मंजूरी दी है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार मान रहा है।
सरकार का पक्ष
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जहां विपक्ष की मांगों पर चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पेश होंगे, जैसे:

परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025 (निजी कंपनियों के लिए असैन्य परमाणु क्षेत्र खोलना),
उच्च शिक्षा आयोग विधेयक,
राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन,
कॉरपोरेट कानून संशोधन,
प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक,
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम संशोधन।

बीजेपी ने SIR को पारदर्शी प्रक्रिया बताया, जो वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए है। हालांकि, विपक्ष इसे ‘तुष्टिकरण राजनीति’ का हिस्सा मान रहा है।

  • Related Posts

    जंतर-मंतर पर आयोजित मजदूर किसान संसद में उठे मजदूर-किसान मुद्दे, देशव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वान
    • TN15TN15
    • March 10, 2026

    नई दिल्ली / नोएडा । केंद्रीय ट्रेड यूनियनों…

    Continue reading
    माकपा की 24 मार्च को रामलीला मैदान में जन आक्रोश रैली, तैयारियों को लेकर नोएडा में बैठक
    • TN15TN15
    • March 6, 2026

    नोएडा । केंद्र की भाजपा सरकार की मजदूर,…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    अपराध की जड़ को समझना होगा — समाज और परिवार की भी है जिम्मेदारी

    • By TN15
    • March 10, 2026
    अपराध की जड़ को समझना होगा — समाज और परिवार की भी है जिम्मेदारी

    बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना होगा जनादेश के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)

    • By TN15
    • March 10, 2026
    बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना होगा जनादेश के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)

    सीतापुर के हिण्डोरा गांव में सोशलिस्ट किसान सभा का धरना

    • By TN15
    • March 10, 2026
    सीतापुर के हिण्डोरा गांव में सोशलिस्ट किसान सभा का धरना

    शहर-शहर LPG की किल्लत, कहीं ‘आउट ऑफ स्टॉक’ तो कहीं दाम दोगुने…

    • By TN15
    • March 10, 2026
    शहर-शहर LPG की किल्लत, कहीं ‘आउट ऑफ स्टॉक’ तो कहीं दाम दोगुने…

    शिक्षा और सामाजिक न्याय की क्रांतिकारी प्रतीक सावित्रीबाई फुले

    • By TN15
    • March 10, 2026
    शिक्षा और सामाजिक न्याय की क्रांतिकारी प्रतीक सावित्रीबाई फुले

    जंतर-मंतर पर आयोजित मजदूर किसान संसद में उठे मजदूर-किसान मुद्दे, देशव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वान

    • By TN15
    • March 10, 2026
    जंतर-मंतर पर आयोजित मजदूर किसान संसद में उठे मजदूर-किसान मुद्दे, देशव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वान