दिल्ली के 6 जनपथ स्थित निवास पर 10 दिसंबर 2025 की रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपने 85वें जन्मदिन (12 दिसंबर) से ठीक एक दिन पहले एक भव्य डिनर पार्टी का आयोजन किया। इस ‘पावर डिनर’ में राजनीतिक दिग्गजों, उद्योगपतियों और पूर्व मंत्रियों की मौजूदगी ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में खासी हलचल मचा दी है। खासतौर पर शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की उपस्थिति ने सवालों का दौर शुरू कर दिया है, क्योंकि अजित पवार एनसीपी के विभाजित गुट के प्रमुख हैं और शरद पवार से राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चल रहे हैं।
प्रमुख अतिथि और उनकी मौजूदगी का महत्व
डिनर में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार थे
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा: कांग्रेस के शीर्ष नेता। उनकी उपस्थिति विपक्षी एकता के संकेत के रूप में देखी जा रही है, खासकर आगामी महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के मद्देनजर।
अजित पवार: शरद पवार के भतीजे और बीजेपी-एनसीपी गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री। उनकी दिल्ली यात्रा और चाचा से मुलाकात ने महायुति (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) में संभावित दरार की अटकलों को हवा दी है। अजित पवार नागपुर में पार्टी विधायकों की बैठक भी कर रहे हैं, जहां स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हो रही है।
गौतम अडानी: प्रमुख उद्योगपति। राहुल गांधी के साथ उनकी पहली सार्वजनिक मुलाकात ने कई सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि कांग्रेस और अडानी समूह के बीच अतीत में विवाद रहा है।
अन्य दिग्गज: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला, कई केंद्रीय मंत्री (वर्तमान और पूर्व), तथा अन्य सर्वपक्षीय नेता। यह आयोजन शरद पवार की राजनीतिक पहुंच और नेटवर्किंग क्षमता को दर्शाता है, जहां विपक्षी नेता और सत्ता पक्ष के चेहरे एक मंच पर नजर आए।
राजनीतिक हलचल और अटकलें
एनसीपी विभाजन का संदर्भ: जुलाई 2023 में अजित पवार ने शरद पवार के गुट से बगावत की थी, जिससे पार्टी दो फाड़ हो गई। अजित की इस डिनर में मौजूदगी को ‘परिवारिक सुलह’ या ‘राजनीतिक रणनीति’ के रूप में देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह महाराष्ट्र में आगामी चुनावों (नगर निगम और विधानसभा) से जुड़ा हो सकता है।
विपक्षी गठबंधन की भनक: राहुल और प्रियंका की उपस्थिति ने इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के संकेत दिए हैं। वहीं, अडानी की मौजूदगी ने ‘क्रॉस-पार्टी डिप्लोमेसी’ की चर्चा छेड़ दी है।

