घटना का विवरण
पीड़ित छात्राएं: ये सभी छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्रवृत्ति पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) कोर्स कर रही थीं। संस्थान में कुल 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने स्पष्ट रूप से स्वामी की करतूतों का जिक्र किया।
आरोपों की प्रकृति: छात्राओं ने शिकायत में कहा कि स्वामी ने उन्हें “छुआ, अश्लील मैसेज भेजे” और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया। कुछ मामलों में जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश भी की गई। विरोध करने पर संस्थान की महिला फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी छात्राओं पर दबाव डालते थे कि वे चुप रहें और स्वामी की “मांगें” मानें।
शिकायत का आधार: यह मामला तब उजागर हुआ जब 4 अगस्त 2025 को श्री शृंगेरी मठ के प्रशासक पी.ए. मुरली ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में शिकायत दर्ज कराई। मुरली ने आरोप लगाया कि स्वामी ने छात्रवृत्ति का लाभ उठाकर छात्राओं का शोषण किया।
दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया
32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए।
आरोपी के घर और संस्थान पर छापे मारे गए, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है।
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज है।
पुलिस ने कहा कि आरोपी फरार है, लेकिन जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
संस्थान और आश्रम की प्रतिक्रिया
संस्थान श्री शृंगेरी मठ से जुड़ा हुआ है, जो वसंत कुंज में स्थित है। मठ ने बयान जारी कर कहा कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती “गैरकानूनी और अनुचित गतिविधियों” में लिप्त था, इसलिए उसके साथ सभी संबंध तोड़ दिए गए हैं। मठ ने पीड़ित छात्राओं को न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि आरोपी का आचरण पूरी तरह अनुचित था।
कुछ रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि आश्रम की वॉर्डन भी स्वामी और छात्राओं के बीच मुलाकातें करवाने में शामिल थी।
पृष्ठभूमि: स्वामी चैतन्यानंद कौन हैं?
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी संस्थान के संचालक थे और खुद को “भगवान” बताते थे। वे फर्जी यूएन नंबर का इस्तेमाल कर घूमते थे। पहले भी उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं, लेकिन यह मामला सबसे गंभीर है। मठ ने स्पष्ट किया कि वे अब उनके साथ जुड़े नहीं हैं।
यह घटना शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, खासकर जहां धार्मिक या आध्यात्मिक कवर का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस जांच जारी है, और पीड़ित छात्राओं को समर्थन की जरूरत है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।








