Site icon Thenews15.in

‘कैदी बम’ बनकर कांवर यात्रा पर निकले शंभू कुमार

जंजीरों में जकड़कर कर रहे प्रायश्चित

मुंगेर। श्रावणी मेले में इस बार श्रद्धा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। बिहार के जहानाबाद जिले के शंभू कुमार ने भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबते हुए स्वयं को जंजीरों से जकड़ लिया है और ‘कैदी बम’ बनकर सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा पर निकले हैं।

करीब 20 वर्षों से कांवर यात्रा कर रहे शंभू कुमार ने इस बार लोहे की जंजीरों से अपने हाथ, पैर, कमर और गर्दन को बांध लिया है। उनका दावा है कि उन्हें सपने में बाबा भोलेनाथ के दर्शन हुए थे। बाबा ने उनसे कहा कि उनसे कोई गुनाह हुआ है और उसका प्रायश्चित उन्हें कैदी के रूप में यात्रा कर करना होगा।

शंभू कुमार ने बाबा के आदेश को आस्था मानकर उसे जीवन में उतार लिया और कठोर साधना का यह रूप धारण किया। यह दृश्य जब मुंगेर जिले के तारापुर कांवरिया पथ पर देखने को मिला तो अन्य श्रद्धालु भावुक हो उठे। पूरे रास्ते “हर हर महादेव” और “हर हर शंभू” के जयघोष गूंजते रहे।

श्रद्धालुओं का कहना है कि शंभू की यह भक्ति सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि आत्मसमर्पण और पछतावे की पराकाष्ठा है। उनकी यह अनोखी यात्रा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है। ‘कैदी बम’ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे श्रद्धा की सच्ची मिसाल बता रहे हैं।

बाबा नगरी देवघर के लिए निकले इस ‘कैदी बम’ ने न सिर्फ कांवरियों का ध्यान खींचा, बल्कि यह साबित कर दिया कि भक्ति में समर्पण का कोई मापदंड नहीं होता।

Exit mobile version