राजस्थान के भरतपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां उचेन तहसील की SDM धारा पर बदले की भावना से SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगा है। यह घटना BJP कार्यकर्ताओं और SDM के बीच विवाद से जुड़ी है, जो जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के सामने खुलकर उभरी।
घटना का पूरा विवरण:
चौकी पर विरोध की शुरुआत: तीन दिन पहले, 4 नवंबर 2025 को उचेन तहसील के फतेहपुर गांव में SDM धारा द्वारा रात्रि चौकी (जनसुनवाई) का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें सुनाने के लिए लंबी कतार लगाई थी, लेकिन SDM ने शिकायतें सुने बिना ही कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया। इससे नाराज ग्रामीणों और BJP कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया।
SC-ST मुकदमा दर्ज: विरोध के जवाब में SDM धारा ने BJP कार्यकर्ता और पंचायत समिति सदस्य दिनेश भाटरा के खिलाफ SC-ST (अनुसूचित जाति/जनजाति) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कराई। साथ ही, सरकारी काम में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया। दिनेश भाटरा SC समुदाय से हैं, और आरोप है कि SDM ने अपनी SC जाति का फायदा उठाकर बदले की कार्रवाई की।
मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा : 7 नवंबर 2025 को भरतपुर में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री और जिला प्रभारी सुरेश रावत मौजूद थे। BJP कार्यकर्ताओं ने SDM धारा को निलंबित (APO) करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारे लगाए गए और हंगामा मच गया, जिससे कार्यक्रम बाधित हो गया। जिला कलेक्टर कमरुल जमान चौधरी को मंत्री को सुरक्षित उनके वाहन तक पहुंचाना पड़ा।
सर्किट हाउस पर चर्चा: हंगामे के बाद सर्किट हाउस में मंत्री सुरेश रावत ने BJP कार्यकर्ताओं और कलेक्टर से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने SDM के खिलाफ शिकायतें सुनाईं, जिसमें शिकायतें न सुनना और बदले में मुकदमा दर्ज कराना शामिल था। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने की सलाह दी और SDM की कार्रवाई की जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर SDM दोषी पाई गईं, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कार्यकर्ताओं से जनकल्याण योजनाओं पर फोकस करने को कहा।







