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सार्थक जीवन की कुँजी है आत्मज्ञान : आचार्य प्रशांत

युवाओं को वैश्विक समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए – प्रो. नचिकेता सिंह

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्यामलाल कॉलेज (सांध्य) ने
‘संघर्ष समाधान और मानव सुरक्षा ‘ सभी के लिए शांति, गरिमा और सुरक्षित भविष्य के मार्ग की खोज’ विषय पर केसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी & मैनेजमेंट के सभागार में एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया।
इस वैचारिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक एवं वेदांत मर्मज्ञ आचार्य प्रशांत और कार्यक्रम के संरक्षक व कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नचिकेता सिंह के बीच द्वंद्व समाधान और मानव सुरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीर वैचारिक संवाद हुआ।

इस संवाद गोष्ठी में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नचिकेता सिंह ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य, मानवीय मूल्यों और युवा पीढ़ी के नैतिक संकटों को लेकर मुख्य वक्ता से कई महत्वपूर्ण एवं तीखे सवाल किए। इन गंभीर प्रश्नों पर आचार्य प्रशांत ने अपने चिरपरिचित तार्किक, वैज्ञानिक और बेबाक अंदाज में समाधान प्रस्तुत करते हुए कहा कि संसार में दिखने वाले तमाम बाहरी द्वंद्व, युद्ध और अशांति, असल में मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक द्वंद्व, अज्ञान और अहंकार का ही विस्तार हैं।

युवाओं को मिली नई दृष्टि
प्राचार्य प्रो. नचिकेता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को केवल करियर की अंधी दौड़ तक सीमित न रहकर वैश्विक समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों और शिक्षकों के लिए एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें आचार्य प्रशांत और प्रो.नचिकेता सिंह ने युवाओं के तीखे और व्यावहारिक सवालों के बेहद तार्किक जवाब दिए।
कार्यक्रम में श्यामलाल कॉलेज (सांध्य) और केसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी & मैनेजमेंट के प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थित रही । मंच संचालन डॉ.मनु उमेश और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.सुमन रानी ने किया।

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