बांग्लादेश खुद अपने सबसे बड़े क्रिकेट स्टार शाकिब अल हसन को सुरक्षा नहीं दे पा रहा, जो महीनों से देश से बाहर रहने को मजबूर हैं।
शाकिब की मौजूदा स्थिति क्या है?
2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद शाकिब (जो अवामी लीग के सांसद थे) पर प्रदर्शनों के दौरान हुए मर्डर केस में नाम आया। इसके अलावा चेक बाउंस, मनी लॉन्ड्रिंग और स्टॉक मार्केट मैनिपुलेशन जैसे केस भी चल रहे हैं।
अक्टूबर 2024 से वे बांग्लादेश नहीं लौटे, क्योंकि सार्वजनिक गुस्सा और जान का खतरा है। BCB ने साफ कहा कि वे शाकिब को विशेष सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता।
जनवरी 2025 में ढाका कोर्ट ने चेक बाउंस केस में अरेस्ट वारंट जारी किया। अप्रैल 2025 में उनके बैंक अकाउंट सीज हुए।
सितंबर 2025 में शाकिब ने शेख हसीना को बर्थडे विश किया, जिसके बाद बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर ने ऐलान किया कि शाकिब अब कभी बांग्लादेश के लिए नहीं खेल पाएंगे।
2025 के अंत तक वे मुख्य रूप से फ्रैंचाइजी लीग्स (जैसे ILT20) में खेलते रहे, और बांग्लादेश टीम से बाहर हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की स्क्वॉड में भी जगह नहीं मिली। यानी, बांग्लादेश का सबसे बड़ा क्रिकेट आइकन अपने ही देश में सुरक्षित नहीं लौट पा रहा – न कानूनी कार्रवाई के डर से, न सार्वजनिक गुस्से से। ऐसे में जब बांग्लादेश खुद अपने स्टार प्लेयर को सुरक्षा नहीं दे पा रहा, तो भारत में खेलने से “सिक्योरिटी कंसर्न” का बहाना बनाना वाकई खोखला लगता है। ये डिप्लोमैटिक टेंशन का हिस्सा ज्यादा दिखता है, खासकर भारत-बांग्लादेश रिलेशंस में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों के बीच।

