मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (SVBPEIZ) परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को एक मंच पर लाकर युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की एकीकृत सुविधा उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। बढ़ते निवेश और उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए इस परियोजना को केवल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार और उद्यमिता के पूर्ण इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। नौ क्षेत्रीय हब (Hub) और जुड़े स्पोक (Spoke) केंद्रों के माध्यम से हर जिले तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
उद्योगों की मांग के हिसाब से होगा प्रशिक्षण
योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के हिसाब से हों. सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ITE) मॉडल से प्रेरणा लेकर पाठ्यक्रम, गुणवत्ता आश्वासन और प्लेसमेंट व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद हर साल 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण, 10 लाख जॉब मैचिंग और 80 प्रतिशत प्लेसमेंट का लक्ष्य रखा गया है।
2 लाख नए एमएसएमई और 50 हजार गिग वर्कर्स को जोड़ने का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि परियोजना के तहत कौशल विकास केंद्र, प्लग एंड प्ले सुविधाएं, उद्यमिता सहायता, डिजिटल साक्षरता और विदेशी भाषा प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। पहले चरण में मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में 369 एकड़ भूमि उपलब्ध है।
ग्रामीण और शहरी युवाओं को मिलेगा समान अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी। उन्होंने भूमि उपलब्धता, निजी क्षेत्र की भागीदारी और क्रियान्वयन मॉडल पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए।

