उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले 24 घंटों में लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, झांसी और सोनभद्र समेत कई जिलों में मुठभेड़ें हुईं, जिसमें दो इनामी बदमाश मारे गए, जबकि अन्य घायल या गिरफ्तार किए गए। यह अभियान ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को तत्काल सबक सिखाना है।
प्रमुख मुठभेड़ों का विवरण:
- लखनऊ: रविवार देर शाम क्राइम ब्रांच और पारा पुलिस की संयुक्त टीम ने कैब लुटेरे गुरुसेवक को घेरा। गुरुसेवक पर उन्नाव में कैब ड्राइवर के अपहरण-हत्या, रेप और लूट के कई मुकदमे दर्ज थे। उसकी इनामी राशि डेढ़ लाख रुपये थी। मुठभेड़ में गुरुसेवक ने पुलिस पर 4-5 राउंड फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- मेरठ: सोमवार तड़के सरूरपुर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस ने शहजाद उर्फ निक्की को रोका। शहजाद ने फायरिंग शुरू कर दी। वह दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपी था, जिस पर सात आपराधिक मुकदमे दर्ज थे (इनमें 7 साल की बच्ची का केस शामिल)। इनामी राशि 25 हजार रुपये। जवाबी फायरिंग में गोली लगने से शहजाद घायल हुआ और अस्पताल में मृत हो गया।
- मुजफ्फरनगर: देर रात तितावी थाना क्षेत्र में संदिग्ध वाहन चेकिंग के दौरान छह बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की। इनमें आरिफ उर्फ पिरी, राशिद उर्फ पप्पू और समीर उर्फ शहजाद घायल हुए, जबकि सोनू उर्फ अजित और जानू उर्फ जान मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया। ये ट्रांसफार्मर चोरी के आरोपी थे। पुलिस ने दो कारें, एक मोटरसाइकिल, चार तमंचे और चोरी का माल बरामद किया।
- झांसी: ई-रिक्शा लूटने वाले विजय और करन का पीछा तीन घंटे चला। घेराबंदी के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें विजय के पैर में गोली लगी। करन को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने लूटा हुआ ई-रिक्शा और अन्य सामान बरामद किया।
- सोनभद्र: रविवार सुबह कोन थाना क्षेत्र के जंगल में गौ-तस्करी कर रहे रफीक (झारखंड निवासी) और चार अन्य तस्करों पर छापा पड़ा। मुठभेड़ में रफीक घायल हो गया, बाकी चार गिरफ्तार। बरामद: 22 गोवंश, देसी तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल।

