क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक का अलंद निर्वाचन क्षेत्र: यहां 6,018 वोटर्स (जिनमें ज्यादातर कांग्रेस समर्थक) के नाम सूची से हटा दिए गए। राहुल ने कहा कि ये वोटर्स लिस्ट के “पहले नंबर” पर थे, यानी वे पुराने और वैध वोटर थे।
महाराष्ट्र का राजुरा निर्वाचन क्षेत्र: यहां 6,850 नए वोटर्स जोड़े गए, जो संदिग्ध लग रहे हैं। राहुल का दावा है कि ये वोटर्स फर्जी हैं और इन्हें BJP के पक्ष में जोड़ा गया।
कुल फर्जीवाड़ा: दोनों क्षेत्रों में लगभग 12,868 वोटर्स प्रभावित (डिलीट + ऐडेड), जो चुनाव परिणाम बदल सकता था।
राहुल ने कहा, “अलंद में डिलीट किए गए वोटर्स को राजुरा में जोड़ा गया। यह सिस्टमैटिक चोरी है।” उन्होंने EC से मशीन-रीडेबल डिजिटल वोटर लिस्ट मांगने का जिक्र किया, लेकिन आयोग ने सहयोग नहीं किया। यह आरोप राहुल के पिछले “एटम बम” और “हाइड्रोजन बम” वाले बयानों का हिस्सा है, जहां उन्होंने हरियाणा, मध्य प्रदेश और बेंगलुरु सेंट्रल में भी फर्जी वोटर्स (कुल 1 लाख से अधिक) का दावा किया था।
राहुल का बड़ा दावा: BJP-EC का ‘फिक्स मैच’
उन्होंने “वोट चोर गद्दी छोड़” नारे को देशव्यापी अभियान बताया, जो बिहार चुनाव से पहले तेज हो रहा है।
हरियाणा और वाराणसी (PM मोदी की सीट) पर भी जल्द “हाइड्रोजन बम” फोड़ने का संकेत दिया। हरियाणा में कांग्रेस 8 सीटों पर महज 22,779 वोटों से हारी थी।
प्रदेश/क्षेत्रडिलीट वोटर्सजोड़े गए वोटर्सकुल प्रभावितराहुल का दावाकर्नाटक (अलंद)6,018-6,018कांग्रेस समर्थक हटाए गएमहाराष्ट्र (राजुरा)-6,8506,850फर्जी वोटर्स जोड़े गएकुल6,0186,85012,868सिस्टमैटिक चोरी
EC और BJP का जवाब
चुनाव आयोग: अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन पिछले आरोपों पर EC ने राहुल के दावों को “निराधार” बताया था। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु के फर्जी वोटर “आदित्य श्रीवास्तव” पर EC ने कहा कि वह केवल एक ही लिस्ट में दर्ज है, न कि तीन राज्यों में।
BJP का पलटवार: BJP ने कांग्रेस पर उल्टा आरोप लगाया। उन्होंने राहुल के मीडिया हेड पवन खेड़ा पर दो EPIC नंबर (XHC1992338 और SJE0755967) होने का दावा किया, जो दो विधानसभाओं में वोटिंग की अनुमति देता है। BJP ने कहा, “राहुल के करीबी ही असली चोर हैं।” कांग्रेस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि EC ने खेड़ा को नोटिस तो भेजा, लेकिन फर्जी वोटर्स को नहीं।
X (पूर्व Twitter) पर प्रतिक्रिया
यह विवाद लोकतंत्र पर सवाल उठा रहा है। राहुल ने कहा, “वोट संविधान की नींव है, इसे बचाना हमारा कर्तव्य।” आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं, खासकर बिहार चुनाव से पहले।








