लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष साथी अशोक पंडा जी की माता जी के निधन पर उनके निवास पर पहुंचे और उनकी माता जी श्रीमती किशोरी देवी पंडा को पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर वहां उपस्थित पत्रकार साथियों से चर्चा करते हुए रघु ठाकुर जी ने कहा कि साथी अशोक पंडा जी की माताजी एक विदुषी महिला थी और अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति की थी जो अपने जीवन के अंतिम समय तक गायों की सेवा करने के साथ-साथ अपने भरे पूरे परिवार की ख्याल रखती थी। एक पत्रकार मित्र के पूछने पर श्री रघु ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कल अपने भाषण में कहा कि देश में दो करोड़ घुसपैठिये है ।उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार 30000 घुसपैठियों को बाहर निकाल चुकी है । में प्रधानमंत्री जी के ही गणित को मान कर उससे जो निष्कर्ष निकला है उसे पत्रकार भाइयों के माध्यम से देश के सामने रखना चाहता हूं।
1-अगर 11 वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार 30000 घुसपैठियों को बाहर निकाली है तो इसका मतलब हुआ कि 1 वर्ष में लगभग 2500घुसपैठियें ही बाहर निकाले गए हैं ।यदि उनके कथनानुसार देश में दो करोड़ घुसपैठिए है तो उन्हें निकालने में लगभग 700 साल लगेंगे ।मैं प्रधानमंत्री जी को शुभकामना देता हूं कि वह 700 साल तक जिंदा रहे और घुसपैठियों को बाहर निकाले।
2-आज से लगभग 3 दशक पहले स्वयंसेवक संघ ने एक पर्चा निका ला था जिसमें कहा था कि देश में 10 करोड़ घुसपैठिए है ।प्रधानमंत्री जी आप दो करोड़ घुसपैठिए बता रहे हैं इसका मतलब हुआ कि कांग्रेस और अन्य सरकारों ने आठ करोड़ घुसपैठियों को बाहर निकाला है और आप की राष्ट्रभक्त सरकार ने 11 वर्षों में मात्र 30000 घुसपैठिए निकाले ।
या फिर इसका दूसरा अर्थ यह है कि आरएसएस ने जानबूझकर झूठ फैलाया की 30 वर्ष पहले देश में 10 करोड़ घुसपैठिए थे ।
संघ और मोदी जी में कौन सही है कौन झूठ बोल रहा है ये वही लोग बताएं तो अच्छा होगा।
आज कल प्रधानमंत्री जी को स्वदेशी की काफी याद आ रही है जिसे वह 11 साल से भूल गए थे और वैश्वीकरण के बड़े प्रवर्तक थे। यहां तक कि उनकी सरकार ने देश में वैश्वीकरण लाने वाले प्रधानमंत्री को भारत रत्न से नवाजा। प्रधानमंत्री जी की इस स्वदेशी की याद और ट्रंप की टैरीफ वृद्धि में जो संबंध है वह सभी लोग समझ रहे हैं ।
भारत की विदेश नीति दिवालियापन की हो गई है, पहले अमेरिका के पीछे घूम रहे थे और मोदी – ट्रंप जिंदाबाद के नारे लग रहे थे वहीं आजकल शी जिनपिंग और पुतिन जिंदाबाद का नारा लग रहा है।अभी जो स्थितियां बन रही है जो बातें जमीन के अंदर चल रही है हो सकता है कि कुछ दिन बाद फिर से ट्रंप -मोदी जिंदाबाद का नारा लगने लगे।
नेपाल में जेन जी युवाओं के नाम का जो हिंसक विद्रोह हुआ वास्तव में वह युवाओं का आंदोलन नहीं था बल्कि एशिया भूभाग और नेपाल पर अपना नियंत्रण रखने के वैश्विक शक्तियों का खेल है, जिसमें सेना की भी सहभागिता है ।ऐसे ही बदलाव श्रीलंका ,पाकिस्तान, बांग्लादेश ,इंडोनेशिया आदि देशों में हो चुके हैं और अंततः जहां-जहां ऐसे बदलाव हुए वहां लोकतंत्र अपने असली स्वरूप में वापस नहीं आ पाया।
भारत के सत्ताधारी लोगों को सावधान होना चाहिए प्रतिपक्ष एवं अन्य लोगों से बात करनी चाहिए तथा अपने दल के भ्रष्टाचारियों को हटाना चाहिए और देश के अंदर जो बेरोजगारी है गरीबी है आदिवासी समाज की स्थिति है उसे हल करने का उपाय सोचना चाहिए।
श्री रघु ठाकुर जी हिंद मजदूर सभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री एच एस मिश्रा के निवास पर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने पहुंचे जो पिछले दिनों फिसल करके गिर गए थे जिससे उन्हें कमर और पैर में चोट लगी है ।श्री रघु ठाकुर जी के इस अल्प प्रवास पर उनके साथ छत्तीसगढ़ , लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पंडा , अनूप कुमार सिंह ,श्याम मनोहर






