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बिहार में कांग्रेस की सियासी साख पर सवाल

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 राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ नदारद

 राहुल गांधी का दौरा: 20 दिनों में दूसरी बार पटना पहुंचे राहुल गांधी

 भारी फजीहत: जगलाल चौधरी को “जगत चौधरी” कहने पर कार्यक्रम में मची हलचल

 खाली कुर्सियां: श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भीड़ नदारद, बाहर लगी स्क्रीन के सामने कोई नहीं

 गुटबाजी उजागर: नेताओं की भीड़ जुटाने में नाकामी से कांग्रेस की कमजोर स्थिति दिखी

दीपक कुमार तिवारी। नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है, लेकिन राहुल गांधी के पटना दौरे से पार्टी की स्थिति पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। जगलाल चौधरी की 130वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की भारी फजीहत हुई।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में हुए इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान तीन बार “जगत चौधरी” कहकर गलती कर दी, जिसके बाद हॉल में मौजूद कार्यकर्ताओं को उन्हें सही नाम बताने के लिए टोकना पड़ा।

कार्यक्रम की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर हॉल के बाहर देखने को मिली, जहां पार्टी ने एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था की थी, लेकिन जब राहुल गांधी का भाषण चल रहा था, तब वहां एक भी श्रोता नहीं था।

क्या यह कांग्रेस की जमीनी हकीकत उजागर करता है?

18 जनवरी को पटना के बापू सभागार में हुए संविधान सुरक्षा सम्मेलन में राहुल गांधी को सुनने के लिए हॉल खचाखच भरा था, लेकिन कांग्रेस के इस कार्यक्रम में कुर्सियां खाली रहना पार्टी की स्थिति को दर्शाता है।

कांग्रेस बिहार में तीन दशक से आरजेडी के सहारे राजनीति कर रही है, लेकिन इस कार्यक्रम में नेताओं की निष्क्रियता और गुटबाजी की झलक साफ दिखी। अब यह देखना होगा कि चुनावी मौसम में कांग्रेस इस झटके से कैसे उबरती है।