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प्रधानमंत्री जी रूस के राष्ट्रपति श्री पुतिन से रूस में शहीद भारतिय नौजवानों के लिए मुआवजा तो मांगिये : रघु ठाकुर

पिछले दिनों भारत से 13 नौजवान जो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मउ के रहने वाले थे रूस में सुरक्षा गार्ड की नौकरी के लिए गए थे .वर्ष 2024 में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वह सुरक्षा गार्ड बनाए जाएंगे. परंतु रूस पहुंचने के बाद उन्हें बलात यूक्रेन युद्ध में भेज दिया गया और उनके हस्ताक्षर भी अनुबंध पत्र पर जबरदस्ती ले लिए गए. रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान इनमें से 10 नौजवानों की युद्ध में मौत हो गई. उनमें से भी मात्र 6 युवकों की लाश वापस आई है चार युवकों की लाश भी वापस नहीं आ पाई .केवल उनकी टोपी और झंडे वापस आए हे. भारत में बेरोजगारी की स्थिति यह है कि यहां का नौजवान रोजगार की तलाश में दूसरे देशों में जाकर एक अनचाहे युद्ध में या दूसरे देशों के युद्ध में जाने के लिए लाचार होते हैंऔर बगैर इच्छा के युद्ध में मौत के मुँह में भेजा जा रहा है . देश में भर्ती होने वाले सैनिकों और अग्नि वीरों के लिए कम से कम सीमा पर शहीद होने पर या मौत पर कुछ मुआवजा तो मिलता है परंतु रूस में धोखे से भर्ती कराए गए युवकों के लिए मुआवजा भी नहीं मिलता .
मुझे उम्मीद थी कि कल जब भारत के प्रधानमंत्री की चर्चा रूसी राष्ट्रपति श्री पुतिन से हुई थी इस मुद्दे को उठाएंगे और जो भारतीय नौजवान रूस रोजगार की तलाश में गए थे जो वहां एक प्रकार से कैद कर लिए गए हैं जो वापस आना चाहते हैं पर मंजूरी वापस आने को नहीं मिल रहीं उनकी भी बात उठाएंगे और साथ-साथ इन 10 नौजवानों की मृत्यु के लिए रूस से मुआवजा देने के लिए कहेंगे .
परंतु मुझे खेद कि भारत के प्रधानमंत्री के वार्तालाप में उन्होंने इस भारत के गंभीर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की और इस बारे में मीडिया में भी कोई समाचार नहीं आया .
क्या ब्रिक्स केवल व्यापार का माध्यम बनेगा या भारत के आम नागरिकों के हितों की चर्चा भी इसमें कोई बिंदु होगी.
ब्रिक्स का गठन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पीवी नरसिंह राव की विदेश नीति के आधार पर हुआ था .स्वर्गीय नरसिंह राव जी ने सबसे पहले लुक टू द ईस्ट के सिद्धांत पर अमल करना शुरू किया था .उसी का एक परिणाम ब्रिक्स के रूप में सामने आया है .अच्छा होता कि भारत के प्रधानमंत्री जी इस अवसर पर स्व नर सिंह राव जी की याद करते एक कोई चित्र उनका भी लगाते और अपनी बातों में उनका भी स्मरण करते. यह उनका बड़प्पन ही होता. परंतु उन्होंने ऐसा बताने का प्रयास किया है कि जेसे ब्रिक्स की शुरुआत उन्हीं के द्वारा हुई हो.
रघु ठाकुर
संरक्षक
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी 12 सितंबर 2026

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