प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ के जवाब में सख्त रुख अपनाया है। एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अपने किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि किसानों का हित देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे व्यक्तिगत तौर पर बड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
भारत सरकार ने भी जवाब में कहा कि वह अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रही है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार टैरिफ के प्रभावों का आकलन कर रही है और हितधारकों से विचार-विमर्श कर रही है, ताकि संतुलित कदम उठाए जा सकें।
हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी और कथित निष्क्रियता की आलोचना की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और राहुल गांधी ने दावा किया कि मोदी की ट्रम्प के साथ कथित दोस्ती के बावजूद भारत को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
भारत ने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट खरीदने से इनकार कर दिया है, जिसे कुछ विशेषज्ञ टैरिफ के जवाब में रणनीतिक कदम मान रहे हैं। इसके बजाय, भारत ‘मेक इन इंडिया’ और रूस के Su-57 जैसे विकल्पों पर ध्यान दे रहा है।
कुल मिलाकर, भारत कूटनीतिक बातचीत और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देकर इस चुनौती का सामना करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ट्रम्प के टैरिफ ने भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव को उजागर किया है।








