पीके ने गंगा स्नान और हवन के बाद खत्म किया अनशन

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दीपक कुमार तिवारी

पटना। बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दुबारा परीक्षा लिए जाने की मांग को लेकर जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (पीके) पिछले दो जनवरी से अनशन पर थे जिसे अब उन्होंने खत्म कर दिया है। प्रशांत किशोर विगत दो जनवरी को राजधानी पटना के गांधी मैदान में स्थित गांधी मूर्ति के समीप आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन शुरू करने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें नोटिस दी थी कि गांधी मैदान में अनशन गैर क़ानूनी इसलिए अपना प्रदर्शन गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर करें।
नोटिस के बावजूद पीके गांधी मैदान में डटे रहे जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। मामले में राज्यपाल की अपील पर गुरुवार को प्रशांत किशोर ने राजधानी पटना में गंगा स्नान करने के बाद हवन किया और फिर छात्रों के हाथ से जूस पी कर अनशन खत्म किया। अनशन खत्म करने के बाद प्रशांत किशोर ने एक प्रेसवार्ता किया।
प्रेसवार्ता करने के बाद उन्होंने कहा कि जब छात्रों पर लाठीचार्ज की गई तब मैं उनसे मिलने गर्दनीबाग गया। छात्रों ने गांधी मैदान में छात्र संसद भी किया और आपसी विचार विमर्श के बाद हमने सरकार को उचित वक्त दिया लेकिन सरकार की तरफ से छात्रों के हित में कोई पहल नहीं की गई। मैंने छात्रों को आश्वस्त किया था कि मेरे रहते प्रशासन उनके ऊपर लाठीचार्ज नहीं करेगा लेकिन जिला प्रशासन ने मेरे आश्वासन को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मैंने अपना अनशन जरुर खत्म कर दिया है लेकिन आज से अपनी निजी जमीन पर बने नए जगह पर सत्याग्रह शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि मैं इस जगह को इस तरह से विकसित करना चाहता हूं कि राज्य का कोई भी शोषित, पीड़ित यहां आए और उन्हें हम न्याय दिला सकें। इसलिए इस आश्रम का नाम हमने ‘बिहार सत्याग्रह आश्रम’ रखा है। यहां हर वह लोग आ सकेंगे जिनके साथ यहां की व्यवस्था ने ज्यादती की है। बिहार में पहले से बनी व्यवस्था का खिलाफ करने वाले लोगों को सरकार उपद्रवी बताते हैं ऐसे में शांतिपूर्ण ढंग से व्यवस्था का विरोध बगैर डरे कर सकें।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस आश्रम में आने वाले दिनों में एक लाख युवाओं को लाकर सत्याग्रह की ताकत को समझाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे और इनके माध्यम से हम बिहार के लोगों को जगाने की कोशिश करेंगे। किसी को यहां डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम यहां कोई रैली या धरना प्रदर्शन करने वाले नहीं हैं बल्कि यहां हम राज्य में सत्य के राज की स्थापना हो इसलिए हम उन्हें यहां जगायेंगे।
बिहार में सत्य का राज हो, बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, किसान समृद्ध बन सकें, युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए हम सत्याग्रह कर रहे हैं। हम यहां उन छात्रों के लिए भी व्यवस्था करेंगे जिनके पास पढने की उचित सुविधा नहीं है वे भी यहां आ सकते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने आज अनशन खत्म करने का निर्णय नहीं लिया था बल्कि ऊपर वाले की व्यवस्था के अनुसार आज ही कोर्ट में बीपीएससी मामले की सुनवाई हुई है और आज ही मैंने अनशन भी खत्म किया है।

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