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पीतमगढ़ गांव विकास से कोसों दूर,कोई ध्यान देने को तैयार नहीं

लोक निर्माण विभाग ने सिर्फ दस्तावेजों में जोड़ा प्रीतमगढ़ को नेशनल हाईवे से: अरुण ठाकुर

अनुज कुमार शर्मा  

नजीबाबाद। हरिद्वार मार्ग पर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा में बसे ग्राम मिर्जापुर उर्फ प्रीतमगढ़ में आजादी के 78 साल पूरे होने के बाद भी आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
मिर्जापुर उर्फ प्रीतमगढ़ के रहने वाले भारतीय किसान यूनियन सरपंच के जिला अध्यक्ष अरुण ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आजादी के 78 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी हमारे गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, जबकि 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा एक योजना लागू हुई थी। जिसमें 7 किलोमीटर तक की रोड का निर्माण कार्य होना पाया गया था, लेकिन 2018 मे प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा सरकारी कागजों में हाईवे से 2500 मी. मिर्जापुर उर्फ प्रीतमगढ़ जोकि रामपुर चाठा गांव को जोड़ता है, इसमें तकरीबन 1200 मीटर की सड़क जो नेशनल हाईवे से मिर्जापुर प्रीतमगढ़ को जोड़ती है, सरकारी कागजों में तकरीबन एक करोड़ की लागत से कागज में दर्शाई गई है, जोकि मौके पर 2025 तक नहीं बनी है l
इसी संबंध में किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने आवाज उठाई है कि अगर यह रोड नहीं बनती है, तो हम बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे, जिसका निर्णय हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। अवगत कराना है कि अपने खर्चे से नेशनल हाईवे से ग्राम मिर्जापुर उर्फ प्रीतमगढ़ को गांव के लोगों ने एक पुल बना कर जोड़ा है, लेकिन उसके बावजूद हर बरसात में पुल के रास्ते खराब हो जाते हैं और आने-जाने वाले लोगों को और स्कूल के बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस वक्त पुल की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि पुल कभी भी गिर सकता है और गांव से हाईवे का रास्ता बंद हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद सरकार हमारे गांव पर ध्यान नहीं दे रही है। ग्रामीणों ने सरकार से विनती की है कि मिर्जापुर उर्फ प्रीतमगढ़ में कुछ विकास कार्य कराने की कृपा की जाये। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गांव में विकास नहीं होता है हाईवे से गांव तक के लिए रोड नहीं बनती है तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।

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