है ना हैरानी वाली बात। कभी तोते तो मिट्ठू, राम-राम, रोटी पक गई। आदि बोलना सिखाया जाता था। लोग तोतों को कुछ इसी तरह की बोली का अभ्यास कराते थे। कई बार तो तोता नकल करने की कोशिश करता है। बच्चे रोते हैं, तो वो भी वैसे ही आवाज निकालने लगता है। तोता तो मजेदार पक्षी होता है। वह इंसानों की नकल में माहिर होता है, लेकिन मोबाइल फोन की नकल करने वाले तोते से हम पहली बार आपका परिचय करा रहे हैं।








