उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत पहलगाम हमले (22 अप्रैल 2025, जिसमें 26 लोग मारे गए) के जवाब में भारत ने 7 मई को कार्रवाई शुरू की थी। जयशंकर ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में केवल तीन देशों (पाकिस्तान सहित) ने इस ऑपरेशन का विरोध किया, जो भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है।
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई फोन कॉल नहीं हुई, और भारत ने पाकिस्तान को आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद ही सूचित किया था, जैसा कि संसदीय समिति में बताया गया। उन्होंने कहा कि भारत की नीति आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कूटनीतिक अलगाव के जरिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराना है।
यह बयान भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।
आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर किया बेनकाब : जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से आतंकवाद अब वैश्विक एजेंडे पर है और भारत ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान पर भारी दबाव बनाया है। जयशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि 1960 में तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि शांति खरीदने के लिए नहीं, बल्कि तुष्टिकरण के लिए थी।
